मणिपुर में 5 उग्रवादी गिरफ्तार: AK-47 मैगजीन, हैंड ग्रेनेड समेत भारी हथियार जब्त
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने पिछले 24 घंटों में एक बड़े संयुक्त अभियान के तहत पाँच उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है और भारी मात्रा में हथियार व गोला-बारूद बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों ने रविवार को बताया कि गिरफ्तार उग्रवादी दो प्रतिबंधित संगठनों — यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी और मणिपुर रिवोल्यूशनरी आर्मी — से जुड़े हुए हैं। यह कार्रवाई राज्य में उग्रवाद और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे निरंतर अभियान का हिस्सा है।
गिरफ्तारी कहाँ और कैसे हुई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने अलग-अलग स्थानों पर एक साथ अभियान चलाते हुए चुराचांदपुर जिले (पहाड़ी क्षेत्र) और इंफाल ईस्ट जिले (घाटी क्षेत्र) से इन उग्रवादियों को दबोचा। खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाए गए इन कॉम्बिंग ऑपरेशनों में घेराबंदी और तलाशी अभियान भी शामिल थे।
बरामद हथियार और सामग्री
तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने जो सामग्री जब्त की, उसमें शामिल हैं: एक AK-47 राइफल मैगजीन, एक INSAS राइफल (चार मैगजीन सहित), एक 9 एमएम पिस्टल, 67 कारतूस, दो हैंड ग्रेनेड, और एक कैमोफ्लाज बुलेटप्रूफ जैकेट। इसके अलावा कई मोबाइल फोन, एक आधार कार्ड और एक दोपहिया वाहन भी जब्त किया गया।
ड्रग तस्करी में भी कार्रवाई
इसी दौरान मणिपुर पुलिस ने एक अलग ऑपरेशन में एक ड्रग तस्कर को भी गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान 34 वर्षीय थोलुंग कोशेल लामकांग के रूप में हुई है, जिसे राष्ट्रीय राजमार्ग-102 पर पल्लेल चंदेल लामखाई इलाके से पकड़ा गया। पुलिस ने उसके पास से 189.05 किलोग्राम अफीम के बीज और एक कार बरामद की है। मामले की जाँच जारी है।
राज्यव्यापी सुरक्षा तंत्र
केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बल संयुक्त रूप से मणिपुर के संवेदनशील पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन और एरिया डोमिनेशन अभियान चला रहे हैं। संदिग्ध वाहनों और अवैध गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए पूरे राज्य में 114 नाके लगाए गए हैं। इंफाल-जिरीबाम राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-37) पर खाद्यान्न और जरूरी सामान ले जाने वाले ट्रकों को सुरक्षा एस्कॉर्ट भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
अफवाहों के विरुद्ध पुलिस की चेतावनी
मणिपुर पुलिस ने नागरिकों से सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और फर्जी वीडियो से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फर्जी पोस्ट या वीडियो साझा करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि मणिपुर में जातीय तनाव के बीच सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएँ फैलना एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। यह कार्रवाई राज्य में कानून-व्यवस्था बहाल करने की दिशा में सुरक्षा बलों के सतत प्रयासों को दर्शाती है।