मणिपुर में 67 हथियार बरामद: 27 AK राइफल, 4 UNLF-पामबेई उग्रवादी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर पुलिस, असम राइफल्स और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त टीम ने 20-21 मई 2026 के बीच चलाए गए 24 घंटे के विशेष अभियान में राज्य के अलग-अलग इलाकों से कुल 67 हथियार बरामद किए हैं, जिनमें 27 AK सीरीज राइफल और 11 अमेरिका निर्मित राइफल शामिल हैं। इस कार्रवाई में यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट-पामबेई (UNLF-पामबेई) के चार सक्रिय उग्रवादियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
इंफाल के लमशांग इलाके में लूटे गए हथियारों की अवैध बिक्री की सूचना मिलने पर बुधवार को लमडेंग क्षेत्र में विशेष अभियान शुरू किया गया। इस दौरान UNLF-पामबेई के दो सक्रिय उग्रवादी हेशनाम थॉमस सिंह (29) और अरंबाम टॉमटॉम सिंह (29) को दबोचा गया। उनके पास से एक इंसास राइफल, एक लाइट मशीन गन, तीन मैगज़ीन और 14 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान उग्रवादियों के साथियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कुछ देर मुठभेड़ हुई। इसके बाद दो और उग्रवादी — निंगथौजाम राकेश सिंह और चिंगाखाम महेश सिंह — को गिरफ्तार किया गया, जिन पर इस फायरिंग में शामिल होने का आरोप है।
पूछताछ में खुलासा
गिरफ्तार उग्रवादियों ने पूछताछ में बताया कि वे UNLF के स्वयंभू लांस कॉर्पोरल नाओरेम बिजॉय उर्फ माचा के निर्देश पर हथियार बेचने आए थे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे पहले भी अवैध हथियारों की बिक्री में संलिप्त रहे हैं।
इस खुलासे के बाद सुरक्षा बलों ने लमडेंग में एक अवैध UNLF कैंप की तलाशी ली, जहाँ से 29 हथियार बरामद हुए — इनमें AK सीरीज राइफल, M-सीरीज राइफल, पिस्तौल और अन्य आधुनिक हथियार शामिल थे।
गुरुवार का अभियान और मोरेह में बरामदगी
गुरुवार, 21 मई को एक अलग अभियान में सुरक्षा बलों ने 38 और हथियार जब्त किए। इनमें AK सीरीज राइफल, M-सीरीज राइफल, स्नाइपर राइफल, कार्बाइन, शॉटगन, मोर्टार, RPG-7 लॉन्चर, एंटी-ड्रोन जैमर और भारी मात्रा में विस्फोटक व गोला-बारूद शामिल हैं।
इसके अलावा भारत-म्यांमार सीमा के निकट मोरेह थाना क्षेत्र में भी अलग कार्रवाई हुई, जहाँ सुरक्षा बलों ने एक सेल्फ लोडिंग राइफल, एक 9 एमएम पिस्तौल, चार रेडियो सेट, एक रेडियो चार्जर और चार IED बरामद किए। बाद में इन IED को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
UNLF-पामबेई और शांति समझौते की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि UNLF-पामबेई ने 2023 में केंद्र सरकार के साथ शांति समझौता किया था और हिंसा का रास्ता छोड़ने का वादा किया था। बावजूद इसके, संगठन के सदस्य लगातार अवैध हथियारों के कारोबार और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में पकड़े जा रहे हैं — जो शांति प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर में जातीय संघर्ष के बाद से सुरक्षा बल लगातार हथियार वसूली अभियान चला रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि लूटे गए या अवैध रूप से रखे गए हथियारों की जानकारी तुरंत नज़दीकी पुलिस स्टेशन या सुरक्षा एजेंसियों को दें।
आगे की कार्रवाई
चारों गिरफ्तार उग्रवादियों से पूछताछ जारी है और जाँचकर्ता नाओरेम बिजॉय उर्फ माचा की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तत्वों की पहचान के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।