राजस्थान भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बांटीं 'मेलोडी' टॉफियां, राहुल गांधी के बयानों को बताया 'बचकाना'
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने 21 मई 2026 को जयपुर स्थित प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच मेलोडी टॉफियां बांटीं और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की टिप्पणियों को 'बचकाना' करार दिया। यह प्रदर्शन राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध की गई उन टिप्पणियों के विरोध में था, जिन्हें भाजपा ने अपमानजनक बताया।
मुख्य घटनाक्रम
राठौड़ ने स्वयं कार्यकर्ताओं को मेलोडी टॉफियां बांटते हुए राहुल गांधी की कथित 'टॉफी वाली टिप्पणी' का व्यंग्यात्मक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता 'मेलोडी टॉफी देखकर बेचैन हो गए' और इसी कारण वे प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति एवं कूटनीतिक सफलताओं को समझने में असमर्थ रहे।
राठौड़ ने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी के बयान किसी राष्ट्रीय नेता को शोभा नहीं देते और उन्हें राजनीतिक हताशा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि 'ऐसी टिप्पणियां कांग्रेस पार्टी की कब्र खोद रही हैं।'
जुलूस और पुतला दहन
भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश भाजपा कार्यालय से चौमूं हाउस सर्किल तक जुलूस निकाला और राहुल गांधी का पुतला फूंका। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता के खिलाफ नारेबाजी भी की।
कांग्रेस और नीट विवाद पर राठौड़ की प्रतिक्रिया
राठौड़ ने कांग्रेस द्वारा कथित नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर भाजपा मुख्यालय घेरने की कोशिश की भी आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में भाजपा शासन के दौरान पेपर लीक की कोई घटना नहीं हुई और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मौजूदा मामले में तेजी से कार्रवाई की है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को 'बेबुनियाद' बताया।
राठौड़ ने यह भी कहा कि महात्मा गांधी ने आज़ादी के बाद कांग्रेस को भंग करने का आह्वान किया था, लेकिन राजनीतिक स्वार्थों ने उसे जीवित रखा। उनके अनुसार, आज राहुल गांधी खुद अपने बयानों से पार्टी को 'विनाश की ओर' ले जा रहे हैं।
भाजपा का व्यापक रुख
गौरतलब है कि यह विरोध प्रदर्शन केवल राजस्थान तक सीमित नहीं रहा — देश के कई राज्यों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी की टिप्पणियों के विरुद्ध प्रदर्शन किए। राठौड़ ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह रचनात्मक राजनीति के बजाय 'सस्ती और ओछी बयानबाजी' का सहारा ले रही है, जबकि प्रधानमंत्री मोदी कूटनीति और विकास के माध्यम से भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत कर रहे हैं।
आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच यह वाकयुद्ध और तेज होने की संभावना है, विशेषकर संसद सत्र की पृष्ठभूमि में।