कंगना रनौत के समर्थन में बिहार भाजपा के नेताओं ने राहुल गांधी के अपरिपक्व राजनीति पर उठाए सवाल
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी का राजनीति करने का तरीका आलोचना का विषय है।
- कंगना रनौत ने उनकी शैली पर सवाल उठाए हैं।
- महिलाएं राहुल गांधी के नेतृत्व में असहज महसूस करती हैं।
- भाजपा नेताओं का मानना है कि कांग्रेस में भगदड़ की स्थिति है।
- राज्यसभा चुनावों में कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की।
नई दिल्ली/पटना, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार भाजपा के नेताओं ने पार्टी सांसद कंगना रनौत का समर्थन करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी की है। उनका कहना है कि राहुल गांधी का राजनीति करने का तरीका अपरिपक्व और लापरवाह है। महिलाएं उनके नेतृत्व में असहज अनुभव करती हैं।
बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "राहुल गांधी के वक्तव्य, चाहे वह लोकसभा में हों या बाहर, में गंभीरता का अभाव है। कांग्रेस देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी है और राहुल गांधी उसके नेता हैं। उनके बयानों में गंभीरता का अभाव है। उनका आचरण भी नेता प्रतिपक्ष के अनुरूप नहीं है।"
उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष में कई देश शामिल हैं, फिर भी उनके (राहुल गांधी) बयान देशहित में नहीं आते हैं। वे भाजपा का विरोध करते-करते कभी-कभी देश का विरोध करने लगते हैं। उनके अमर्यादित वक्तव्य और आचरण देशहित में नहीं हैं। यही कारण है कि कांग्रेस में भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो रही है, चाहे वह राज्यसभा के चुनाव हों या असम और अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव। राज्यसभा चुनावों में कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। कई जगह उनके विधायक अनुपस्थित रहे।
संजय सरावगी ने यह भी कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी अपने नेताओं और विधायकों को संभालने में असमर्थ हैं। यह सब उनके खुद के आचरण के कारण हो रहा है।
मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा, "राहुल गांधी के बारे में यह कहा गया है कि वे अब भी परिपक्व नहीं हैं। उनके राजनीति करने का तरीका अपरिपक्व और लापरवाह माना जाता है। यही कारण है कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और महिलाएं उनके नेतृत्व में असहज महसूस करती हैं।"
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी धीरे-धीरे अपनी पार्टी का आधार समाप्त कर रहे हैं।
इससे पहले, भाजपा सांसद कंगना रनौत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के व्यवहार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा, "हम महिलाएं जब उन्हें देखते हैं तो असहज महसूस करती हैं। क्योंकि वे एकदम जैसे 'टपोरी' की तरह आते हैं और किसी को भी 'ये तू ऐसे करके, तू तड़ाक कर' कहते हैं।"