राहुल गांधी का मोदी पर तंज: 'देश में महंगाई, PM इटली में मेलोनी को टॉफी खिला रहे'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 20 मई 2025 को उत्तर प्रदेश के अमेठी और रायबरेली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखे हमले बोले। अमेठी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने पीएम मोदी की इटली यात्रा और वहाँ इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को 'मेलोडी' टॉफी का पैकेट भेंट करने की घटना पर कटाक्ष किया।
अमेठी में राहुल का तंज
अमेठी में पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवा डिप्रेशन में हैं, नीट का पेपर रद्द हो चुका है, गैस और पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, महंगाई चरम पर है — और इस सबके बीच प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ टॉफियाँ खा रहे हैं। उनका यह बयान पीएम मोदी की इटली यात्रा के उस वीडियो के संदर्भ में था, जिसे खुद इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने सोशल मीडिया पर साझा किया और जो व्यापक रूप से वायरल हुआ।
रायबरेली में RSS और संविधान पर हमला
इससे पहले रायबरेली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने RSS पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लोग डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने सिर झुकाते हैं, परंतु जब RSS खुलेआम अंबेडकर के संविधान पर हमला करता है और उसे तार-तार करता है, तो वही लोग चुप रह जाते हैं। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि संविधान की रक्षा करना उनका कर्तव्य और जिम्मेदारी है, क्योंकि इसमें उनकी आवाज़ और उनका खून शामिल है।
मोदी की विदेश यात्रा पर विरोधाभास का आरोप
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी आम जनता को सोना न खरीदने, विदेश यात्रा न करने और इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ खरीदने की सलाह देते हैं — जबकि खुद हजारों करोड़ रुपये के विमान में विदेश यात्राएँ करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले महीनों में महंगाई, पेट्रोल, डीजल और गैस के दाम और ऊँचाई पर पहुँचेंगे, और किसानों को खाद भी उपलब्ध न होने की आशंका है।
आम जनता पर असर
राहुल गांधी के इन बयानों का केंद्र आम आदमी की आर्थिक तकलीफ है — बेरोज़गारी, महंगाई और शिक्षा व्यवस्था की खामियाँ। उन्होंने नीट परीक्षा रद्द होने को युवाओं की निराशा के प्रतीक के रूप में पेश किया। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को लगातार कठघरे में खड़ा कर रहा है।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि अमेठी और रायबरेली दोनों ही सीटें कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। राहुल गांधी का यह दौरा पार्टी की ज़मीनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश के तहत देखा जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि विपक्ष इस तरह के बयानों से सरकार को जवाबदेह ठहराने की कोशिश कर रहा है, जबकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।