असम BJP विधायक मृणाल सैकिया की मांग: मंत्रियों के VIP काफिले और सुरक्षा खर्च में तत्काल कटौती हो

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असम BJP विधायक मृणाल सैकिया की मांग: मंत्रियों के VIP काफिले और सुरक्षा खर्च में तत्काल कटौती हो

सारांश

सत्तारूढ़ BJP के अपने विधायक ने ही वीआईपी संस्कृति पर सवाल उठा दिए। असम के खुमताई विधायक मृणाल सैकिया ने मंत्रियों के 10-15 गाड़ियों के काफिले, पायलट एस्कॉर्ट और भारी पुलिस तैनाती को अनावश्यक और जनविरोधी करार दिया — और इसे स्थायी प्रशासनिक सुधार का हिस्सा बनाने की माँग की।

मुख्य बातें

BJP विधायक मृणाल सैकिया ने 20 मई को वीआईपी काफिले और अत्यधिक सुरक्षा व्यवस्था में कटौती की माँग की।
सैकिया ने कहा कि मुख्यमंत्री को छोड़कर अन्य मंत्रियों को 10-15 गाड़ियों के काफिले की ज़रूरत नहीं।
पायलट स्कूटर द्वारा पूरी सड़क रोकने से जनता को असुविधा और दुर्घटनाओं का खतरा बताया।
अत्यधिक सुरक्षा व्यवस्था को आर्थिक बोझ और यातायात समस्याओं का कारण बताया।
सैकिया ने इसे केवल खर्च कटौती नहीं, बल्कि स्थायी प्रशासनिक सुधार का हिस्सा बनाने की माँग की।

असम के खुमताई विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक मृणाल सैकिया ने बुधवार, 20 मई को वीआईपी काफिले की संस्कृति और मंत्रियों को दी जाने वाली अत्यधिक सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ा एतराज जताया। सैकिया ने कहा कि इन प्रथाओं से न केवल सरकारी खजाने पर अनावश्यक बोझ पड़ता है, बल्कि आम जनता को भी भारी असुविधा झेलनी पड़ती है।

मुख्य घटनाक्रम

खर्च में कटौती के मुद्दे पर पत्रकारों से बात करते हुए सैकिया ने स्पष्ट कहा, 'सरकार शायद हर कीमत बढ़ोतरी को नियंत्रित न कर पाए, लेकिन अनावश्यक सरकारी खर्च को निश्चित रूप से कम किया जा सकता है।' उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारें बाज़ार की हर हलचल पर काबू भले न रख पाएँ, मगर वित्तीय अनुशासन का उदाहरण पेश करना उनकी ज़िम्मेदारी है।

काफिले की संस्कृति पर सवाल

सैकिया ने विशेष रूप से मंत्रियों के 10 से 15 वाहनों के लंबे काफिले, पायलट एस्कॉर्ट और भारी पुलिस तैनाती की प्रथा की आलोचना की। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री को छोड़कर मंत्रियों को इतनी सारी गाड़ियों के साथ घूमने की कोई ज़रूरत नहीं है। कई बार मैं खुद अकेले गाड़ी चलाता हूँ और देखता हूँ कि गाड़ियों का बड़ा काफिला तेज़ी से गुज़र रहा है — आखिर 10 से 15 गाड़ियों का एक साथ चलना क्यों ज़रूरी है?' गौरतलब है कि यह बयान स्वयं एक सत्तारूढ़ दल के विधायक की ओर से आया है, जो इसे और अधिक उल्लेखनीय बनाता है।

सुरक्षा व्यवस्था से जनता को असुविधा

विधायक ने पायलट वाहनों और स्कूटर एस्कॉर्ट की तैनाती पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, 'कई मामलों में पायलट स्कूटर पूरी सड़क रोक देते हैं और किसी दूसरे वाहन को वहाँ से गुज़रने नहीं दिया जाता। इससे लोगों को अनावश्यक परेशानी होती है।' सैकिया ने यह भी कहा कि अत्यधिक सुरक्षा व्यवस्था न केवल प्रशासन पर आर्थिक बोझ डालती है, बल्कि यातायात की समस्याएँ और जनता में असंतोष भी बढ़ाती है।

दुर्घटनाओं का खतरा

सैकिया ने सुरक्षा पहलू पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि वीआईपी काफिलों की लापरवाही भरी आवाजाही से दुर्घटनाएँ हो सकती हैं — जब पायलट गाड़ियाँ सड़कों से तेज़ी से गुज़रती हैं, तो लोग डरकर अचानक एक तरफ हट जाते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में वीआईपी संस्कृति को लेकर बहस तेज़ हो रही है।

स्थायी प्रशासनिक सुधार की माँग

विधायक ने केवल आर्थिक बचत तक अपनी बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ आर्थिक बचत की बात नहीं है, बल्कि अनावश्यक खर्चों से बचने के लिए इसे प्रशासनिक व्यवस्था का स्थायी हिस्सा बनना चाहिए।' उनकी माँग है कि वीआईपी सुरक्षा के मानदंडों की समीक्षा हो और ज़रूरत के अनुसार ही पुलिस बल तैनात किया जाए। आने वाले दिनों में देखना होगा कि असम सरकार इस माँग पर क्या रुख अपनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी हकीकत नहीं बदली। सवाल यह है कि क्या यह बयान केवल मीडिया में सुर्खी बनकर रह जाएगा, या असम सरकार इस पर ठोस नीतिगत कदम उठाएगी। जब तक सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा के लिए कोई स्पष्ट तंत्र नहीं बनता, ऐसे बयान प्रशासनिक सुधार की दिशा में सूई नहीं हिला पाएँगे।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJP विधायक मृणाल सैकिया ने VIP काफिले पर क्या माँग की है?
मृणाल सैकिया ने मंत्रियों के 10-15 वाहनों के काफिले, पायलट एस्कॉर्ट और भारी पुलिस तैनाती में भारी कटौती की माँग की है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री को छोड़कर अन्य मंत्रियों को इतने बड़े काफिले की कोई ज़रूरत नहीं।
VIP काफिले से जनता को क्या नुकसान होता है?
सैकिया के अनुसार पायलट स्कूटर पूरी सड़क रोक देते हैं जिससे यातायात बाधित होता है और आम लोगों को परेशानी होती है। इसके अलावा, तेज़ रफ्तार काफिलों से डरकर लोगों के अचानक हटने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
क्या सैकिया खुद भी सुरक्षा के बिना चलते हैं?
हाँ, सैकिया ने खुद बताया कि वे कई बार अकेले गाड़ी चलाते हैं। उन्होंने इसे उदाहरण के तौर पर पेश करते हुए कहा कि बड़े काफिले अनावश्यक हैं।
सैकिया की माँग केवल खर्च कटौती तक सीमित है?
नहीं, सैकिया ने स्पष्ट किया कि यह केवल आर्थिक बचत का मामला नहीं है। उनकी माँग है कि अनावश्यक वीआईपी सुरक्षा खर्च कम करना प्रशासनिक व्यवस्था का स्थायी हिस्सा बनाया जाए।
यह बयान किस संदर्भ में आया है?
यह बयान सरकारी खर्च में कटौती के मुद्दे पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान 20 मई को गुवाहाटी में आया। सैकिया ने कहा कि सरकारें भले बाज़ार की हर कीमत न नियंत्रित कर पाएँ, लेकिन गैर-ज़रूरी सरकारी खर्च कम करके वित्तीय अनुशासन का उदाहरण ज़रूर पेश कर सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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