मोदी ने मेलोनी को गिफ्ट की 'मेलोडी' टॉफी, इंस्टाग्राम वीडियो को 11.2 करोड़ से ज़्यादा व्यूज़
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इटली दौरे के दौरान इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को भारत की मशहूर 'मेलोडी' टॉफी भेंट की — और यह छोटा-सा पल इंटरनेट पर तूफ़ान बन गया। 20 मई को सोशल मीडिया पर आए इस वीडियो को रिपोर्ट लिखे जाने तक पीएम मोदी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 11.2 करोड़ (112 मिलियन) से अधिक बार देखा जा चुका था।
मुलाकात का वह खास पल
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें पीएम मोदी उन्हें मेलोडी टॉफी का पैकेट थमाते दिखे। मेलोनी ने मुस्कुराते हुए कहा, 'वेरी वेरी गुड टॉफी।' यह पल देखते-देखते वायरल हो गया और कुछ ही घंटों में व्यूज़ का रिकॉर्ड टूट गया।
'मेलोडी' नाम की वजह
सोशल मीडिया पर पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की दोस्ती को अक्सर 'मेलोडी' नाम से जोड़ा जाता है — यह शब्द दोनों नेताओं के उपनाम 'Modi' और 'Meloni' को मिलाकर बना है। इसी संदर्भ में जब पीएम मोदी ने मेलोनी को ठीक उसी नाम की टॉफी भेंट की, तो इसे एक सोचे-समझे और हल्के-फुल्के कूटनीतिक संकेत के रूप में देखा गया।
मेलोडी टॉफी: चार दशक की मिठास
मेलोडी भारत की सबसे लोकप्रिय टॉफियों में से एक है, जिसे पारले प्रोडक्ट्स बनाती है। यह टॉफी अपने अनोखे डबल फ्लेवर के लिए जानी जाती है — बाहर से मुलायम कैरेमल और अंदर से रिच चॉकलेट फिलिंग। पारले ने इसे 1983 में लॉन्च किया था, उस दौर में जब बाज़ार में कैडबरी एक्लेयर्स का वर्चस्व था। फिर भी मेलोडी ने अपनी अलग पहचान बनाई और इसका विज्ञापन — 'मेलोडी इतनी चॉकलेटी क्यों है? मेलोडी खाओ, खुद जान जाओ।' — पीढ़ियों की ज़ुबान पर चढ़ गया।
आम जनता की प्रतिक्रिया
करीब चार दशक बाद भी मेलोडी बच्चों से लेकर बड़ों तक की पसंद बनी हुई है। पीएम मोदी और मेलोनी की इस मुलाकात ने इस क्लासिक टॉफी को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने वीडियो पर लाखों लाइक्स और कमेंट्स किए, और मेलोडी ट्रेंड में आ गई।
क्या होगा आगे
यह वीडियो भारत-इटली के बीच बढ़ते राजनयिक और व्यक्तिगत संबंधों की एक झलक है। पीएम मोदी का यह इटली दौरा द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से था, और 'मेलोडी मोमेंट' ने इसे जन-जन तक पहुँचा दिया।