भीषण गर्मी में सर गंगा राम अस्पताल के डॉ. अतुल काकर की चेतावनी: दोपहर 12-3 बजे घर से न निकलें, ORS पिएं
सारांश
मुख्य बातें
सर गंगा राम अस्पताल के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अतुल काकर ने 20 मई को देशभर में जारी भीषण गर्मी के बीच लोगों को सख्त हिदायत दी कि वे दोपहर के समय सीधी धूप से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-NCR के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ में भी इस सप्ताह भीषण लू चलने की आशंका जताई है।
गर्मी से जुड़ी तीन गंभीर समस्याएँ
डॉ. काकर ने बताया कि अत्यधिक गर्मी से तीन प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएँ सामने आती हैं। पहली है हीट एग्जॉस्टशन, जिसमें व्यक्ति कमज़ोर, सुस्त और ऊर्जाहीन महसूस करता है तथा बुखार भी हो सकता है। दूसरी समस्या हीट क्रैम्प्स यानी मांसपेशियों में ऐंठन है। तीसरी और सबसे गंभीर स्थिति हीट स्ट्रोक है, जो एक आपातकालीन मेडिकल स्थिति है और तत्काल उपचार की माँग करती है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष अस्पताल में हीट क्रैम्प्स और हीट एग्जॉस्टशन के मामले दर्ज हो चुके हैं। मरीज थकान, मांसपेशियों में दर्द और बुखार की शिकायत लेकर आ रहे हैं — ये सभी लक्षण अत्यधिक गर्मी से जुड़े हैं।
लू से बचाव के व्यावहारिक उपाय
डॉ. काकर ने स्पष्ट किया कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच सूर्य की तीव्रता अपने चरम पर होती है और इस दौरान बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना अपरिहार्य हो, तो पूरे शरीर को ढकें, सिर पर छाता या कपड़े का उपयोग करें। उन्होंने ORS का घोल, लस्सी और अन्य तरल पदार्थ नियमित रूप से पीने की सलाह दी ताकि शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बना रहे।
कमज़ोर वर्ग पर विशेष ध्यान ज़रूरी
डॉ. काकर ने वरिष्ठ नागरिकों तथा कैंसर, गुर्दे की बीमारी और हृदय रोग से पीड़ित मरीज़ों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी। उनके अनुसार, ये मरीज़ गर्मी से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे लोग हर हाल में सीधी धूप से दूर रहें, पर्याप्त पानी पिएँ और अपनी दवाइयाँ समय पर लेते रहें।
उन्होंने यह भी सचेत किया कि कोई भी अतिरिक्त दवा डॉक्टर की सलाह के बिना न लें, विशेष रूप से गर्मी से जुड़ी परेशानियों में स्व-उपचार से बचें।
IMD का अलर्ट और व्यापक स्थिति
IMD के अनुसार, दिल्ली-NCR में आने वाले दिनों में लंबे समय तक भीषण गर्मी बनी रह सकती है। ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए और ज़रूरी सावधानियाँ अपनानी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मई के मध्य से ही तापमान सामान्य से अधिक दर्ज हो रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि लू के शुरुआती लक्षण — जैसे सिरदर्द, चक्कर, अत्यधिक पसीना या त्वचा का गर्म व शुष्क होना — दिखते ही तुरंत छाँव में जाएँ और नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।