गर्मी की बीमारियों के शुरुआती संकेत: आयुष मंत्रालय की चेतावनी और बचाव के उपाय
सारांश
मुख्य बातें
गर्मी के मौसम में हीट एग्जॉर्शन और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियाँ बढ़ने से पहले शरीर कई चेतावनी संकेत देता है, जिन्हें समय रहते पहचानकर बड़ी मुसीबत से बचा जा सकता है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने 6 मई 2025 को गर्मी के तनाव से जुड़े इन शुरुआती लक्षणों के बारे में जागरूकता अभियान के तहत जानकारी साझा की है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन संकेतों को नज़रअंदाज़ करना जानलेवा साबित हो सकता है।
शरीर के प्रमुख चेतावनी संकेत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे-जैसे गर्मी का असर बढ़ता है, शरीर कई तरह के संकेत देना शुरू करता है। इनमें अत्यधिक पसीना आना, जी मिचलाना या उल्टी जैसा महसूस होना, मांसपेशियों में ऐंठन या दर्द, ठंडी और चिपचिपी त्वचा, चक्कर आना, तेज़ सिरदर्द और अत्यधिक प्यास लगना शामिल हैं। गौरतलब है कि ये लक्षण सामान्य थकान से अलग होते हैं और इन्हें तुरंत गंभीरता से लेना ज़रूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन शुरुआती संकेतों को अनदेखा करने पर स्थिति हीट एग्जॉर्शन से आगे बढ़कर हीट स्ट्रोक तक पहुँच सकती है, जो एक जीवन-घातक आपात स्थिति है।
सबसे ज़्यादा जोखिम किसे है
आयुष मंत्रालय के अनुसार, गर्मी का तनाव सभी को प्रभावित कर सकता है, लेकिन बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है और लू की स्थितियाँ बन रही हैं।
खुले में काम करने वाले मज़दूर, खिलाड़ी और लंबे समय तक धूप में रहने वाले लोग भी उच्च जोखिम वर्ग में आते हैं।
बचाव के व्यावहारिक उपाय
विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए कुछ आसान लेकिन प्रभावी उपाय इस प्रकार हैं:
दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच — दिन के सबसे गर्म घंटों में — बाहर निकलने से बचें। हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें जो पसीना सोखने में सक्षम हों। पानी, नींबू पानी, छाछ, लस्सी और नारियल पानी का भरपूर सेवन करें — प्यास न लगने पर भी थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें।
शरीर में नमक और खनिजों की कमी पूरी करने के लिए घर का बना पौष्टिक भोजन खाएँ। ठंडी और छायादार जगह पर आराम करें और भारी व्यायाम से परहेज़ करें।
लक्षण दिखने पर तुरंत क्या करें
यदि ऊपर बताए गए कोई भी संकेत दिखाई दें, तो तुरंत ठंडी जगह पर जाएँ और आराम करें। शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियाँ रखें और तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएँ। स्थिति में सुधार न होने पर बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।
आयुष मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जागरूकता ही गर्मी से होने वाली बीमारियों का सबसे बड़ा बचाव है। छोटी-छोटी सावधानियाँ अपनाकर इस मौसम में खुद को और परिवार को स्वस्थ रखा जा सकता है।