गर्मी से बचने के उपाय: अपनी सेहत को रखें सुरक्षित
सारांश
Key Takeaways
- पानी
- गर्मी में हल्के कपड़े पहनें।
- हीट स्ट्रोक के लक्षणों से सावधान रहें।
- फल और सब्जियाँ शामिल करें।
- बाहर जाने से पहले मौसम का ध्यान रखें।
नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। गर्मी का मौसम दस्तक दे चुका है और तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। कई क्षेत्रों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर पहुँच गया है। ऐसे में लापरवाह होना सीधे खतरे को आमंत्रित करना है। तेज धूप और गर्म हवाएँ शरीर में पानी की कमी, जिसे डिहाइड्रेशन कहा जाता है, उत्पन्न कर सकती हैं। इसके परिणामस्वरूप चक्कर आना, थकान, सिर में दर्द और उल्टी जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
कभी-कभी यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा उत्पन्न होता है। हीट स्ट्रोक में शरीर का तापमान बहुत बढ़ जाता है और यदि समय पर उपचार न किया जाए, तो यह जानलेवा हो सकता है। इसलिए गर्मी के मौसम में शरीर के संकेतों को समझना आवश्यक है।
यदि आपको अत्यधिक प्यास लग रही है, बार-बार थकान महसूस हो रही है या शरीर में कमजोरी आ रही है, तो इसे हल्के में न लें। ये संकेत हो सकते हैं कि आपका शरीर गर्मी से प्रभावित हो रहा है। इसके लिए आवश्यक है कि आप पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। दिनभर में थोड़ी-थोड़ी देर पर पानी लेते रहें, भले ही आपको प्यास न लगे। इसके साथ ही नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी जैसे पेय पदार्थ शरीर को ठंडक प्रदान करने में सहायक होते हैं।
गर्मी के समय दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। यह समय दिन का सबसे गर्म होता है और इस दौरान धूप का असर सीधे शरीर पर पड़ता है। यदि बाहर जाना आवश्यक हो, तो छाता, टोपी या गमछे का उपयोग अवश्य करें। ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनना भी आवश्यक है। काले और तंग कपड़े गर्मी को बढ़ाते हैं, जबकि हल्के कपड़े शरीर को ठंडा रखते हैं।
घर के अंदर भी खुद को ठंडा रखने के प्रयास करें। पंखा, कूलर या एसी का उपयोग करें और कमरे को हवादार रखें। यदि संभव हो तो दिन में एक-दो बार ठंडे पानी से स्नान करें, इससे शरीर का तापमान संतुलित रहता है।
आपके खान-पान का ध्यान रखना भी आवश्यक है। अधिक तला-भुना और भारी भोजन गर्मी में परेशानी बढ़ा सकता है। कोशिश करें कि हल्का और सुपाच्य भोजन लें, जिसमें फल और हरी सब्जियाँ शामिल हों।
यदि किसी व्यक्ति को चक्कर, उल्टी, बेहोशी या शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या नजदीकी अस्पताल में ले जाएँ। देरी करना खतरनाक हो सकता है।