अप्रैल में ऑटो एलपीजी बिक्री में अभूतपूर्व वृद्धि
सारांश
Key Takeaways
- अप्रैल में ऑटो एलपीजी बिक्री 282 मीट्रिक टन प्रति दिन हो गई है।
- कमर्शियल एलपीजी बिक्री में 1,34,226 मीट्रिक टन का आंकड़ा है।
- सरकार ने जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की है।
- प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध हैं।
- उपभोक्ताओं को डिजिटल बुकिंग की सलाह दी गई है।
नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वारा औसत ऑटो एलपीजी बिक्री अप्रैल में बढ़कर 282 मीट्रिक टन प्रति दिन पहुंच गई है, जो फरवरी में 177 मीट्रिक टन प्रति दिन थी। यह वृद्धि घरेलू एवं परिवहन क्षेत्र के लिए निरंतर आपूर्ति बनाए रखने के कारण हुई है।
इस साल 14 मार्च से अब तक कुल 1,34,226 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी बेची गई है, जिसमें 8000 मीट्रिक टन से अधिक ऑटो एलपीजी शामिल है।
23 मार्च से अब तक 14.6 लाख से अधिक 5-किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर बेचे गए हैं, जिनका उपयोग मुख्य रूप से प्रवासी श्रमिक करते हैं।
आईओसीएल, एचपीसीएल, और बीपीसीएल के तीन-सदस्यीय समिति, कमर्शियल एलपीजी वितरण की योजना को लागू करने के लिए राज्य के अधिकारियों और उद्योग संघों के साथ समन्वय कर रही है।
मार्च 2026 से अब तक, लगभग 4.5 लाख पीएनजी कनेक्शन में गैस आपूर्ति शुरू हो चुकी है और लगभग 5 लाख और ग्राहकों ने नए कनेक्शनों के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। 34,200 से अधिक पीएनजी ग्राहकों ने अपने एलपीजी कनेक्शन को भी सरेंडर कर दिया है, क्योंकि सरकार ग्राहकों को प्राकृतिक गैस पर शिफ्ट होने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। यह कदम मिडिल ईस्ट में चल रहे विवाद के कारण एलपीजी के आयात पर पड़ने वाले प्रभाव के कारण उठाया गया है।
एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए देशभर में सख्त कार्रवाई जारी है। मंगलवार को देश के 2,100 से अधिक स्थानों पर छापे मारे गए और लगभग 450 सिलेंडर जब्त किए गए। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने अचानक निरीक्षण की प्रक्रिया को और तेज कर दिया है। अब तक, उन्होंने 237 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर जुर्माना लगाया है और 58 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप को निलंबित कर दिया है।
वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद, सरकार ने घरेलू एलपीजी और पीएनजी की सप्लाई को प्राथमिकता दी है, विशेषकर अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों के लिए।
नागरिकों को यह सलाह दी जाती है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करें और जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। एलपीजी उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि वे डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करें और वितरकों के पास जाने से बचें।