7 अगस्त 2026
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बलूचिस्तान में माइनिंग हादसे: पांच कोयला खनिकों की जान गई

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बलूचिस्तान में माइनिंग हादसे: पांच कोयला खनिकों की जान गई

सारांश

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में दो माइनिंग हादसों में पांच खनिकों की मौत हुई है। यह घटनाएँ खनिकों की सुरक्षा की गंभीर स्थिति को उजागर करती हैं।

मुख्य बातें

पांच खनिकों की मौत हुई है।
खदान में मीथेन गैस का जमा होना कारण है।
अस्पताल में इलाज जारी है।
खदानों में सुरक्षा का अभाव है।
खनिकों को कम वेतन पर काम करना पड़ता है।

क्वेटा, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित बोलान और डुकी कोलफील्ड क्षेत्रों में हुए दो अलग-अलग माइनिंग हादसों में पांच कोयला खनिकों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया।

अधिकारियों के अनुसार, माच इलाके के पास बोलान कोयला खदान में मीथेन गैस के जमा होने के चलते तीन खनिकों की जान चली गई। डॉन समाचार पत्र ने बताया कि बाकी खनिक उस खदान से भागने में सफल रहे और उन्होंने अधिकारियों को घटना की सूचना दी।

माइन्स एंड मिनरल्स डिपार्टमेंट की बचाव टीमों और स्थानीय श्रमिकों ने फंसे हुए खनिकों को निकालने के लिए अभियान प्रारंभ किया। हालांकि, खनिकों की मौत मीथेन गैस के कारण दम घुटने से हुई थी। खदान में श्रमिकों के शव मिले और उन्हें अस्पताल भेजा गया।

अस्पताल के अधिकारियों ने कहा, "हमें तीन कोयला खनिकों के शव मिले हैं, जिनकी मृत्यु जहरीली मीथेन गैस के प्रभाव से हुई है।"

जिस कोयला खदान में यह हादसा हुआ, उसे बंद कर दिया गया है और जांच के आदेश जारी किए गए हैं।

एक अलग घटना में, डुकी कोलफील्ड क्षेत्र में हुए एक और हादसे में दो खनिकों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया।

पुलिस के मुताबिक, कोयला ले जा रही एक ट्रॉली की चपेट में आने से तीन खनिक गंभीर रूप से घायल हुए। उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां दो खनिकों की चोटों के कारण मृत्यु हो गई। घायल खनिक का इलाज अस्पताल में जारी है।

फरवरी में, पाकिस्तान सेंट्रल माइंस लेबर फेडरेशन की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि 2025 में बलूचिस्तान की खदानों में 89 खनिकों की मृत्यु हो चुकी है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि बलूचिस्तान की खदानों में हादसों की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है। इसके अलावा, बलूचिस्तान में होने वाली दुर्घटनाएं पाकिस्तान के अन्य प्रांतों में होने वाली घटनाओं से अधिक हैं।

डॉन ने रिपोर्ट के हवाले से बताया कि पिछले आठ वर्षों में बलूचिस्तान में 618 खनिकों की जान चली गई है।

मजदूरों को बिना नौकरी की सुरक्षा के रोजाना मजदूरी दी जाती है, कोई स्वास्थ्य प्रावधान नहीं है और बच्चों के लिए कोई शैक्षणिक सहायता नहीं है। पाकिस्तान में खनिकों की स्थिति को कई एजेंसियों ने अमानवीय बताया है।

खनिक पुराने औजारों का उपयोग करते हुए असुरक्षित सुरंगों में बिना ऑक्सीजन सिस्टम, हेलमेट, मास्क और बुनियादी गियर के काम करते हैं। इसके अलावा, वे बहुत कम और अनियमित वेतन पर 10-12 घंटे काम करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कितने खनिकों की मौत हुई?
इन हादसों में कुल पांच खनिकों की मौत हुई है।
क्या पुलिस ने कोई कार्रवाई की है?
हाँ, पुलिस ने घटनाओं की जांच के आदेश दिए हैं।
क्या खनिकों की सुरक्षा के लिए कुछ किया जा रहा है?
खदानों में सुरक्षा की स्थिति सुधारने के लिए कदम उठाने की आवश्यकता है, जो अभी तक नहीं हो पाई है।
बलूचिस्तान में खनिकों की स्थिति कैसी है?
बलूचिस्तान में खनिकों की स्थिति गंभीर है, उन्हें बिना सुरक्षा के काम करना पड़ता है।
राष्ट्र प्रेस
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