उत्तर भारत में भीषण लू का कहर: पंजाब में 47°C, हरियाणा में 46.9°C; IMD का रेड अलर्ट जारी
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 मई 2026 को उत्तर भारत के कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए, क्योंकि राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के अनेक इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुँच गया। नई दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में दोपहर के समय भीषण लू ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। IMD के अनुसार, यह गर्मी अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की आशंका है।
मुख्य घटनाक्रम: कहाँ कितना तापमान
पंजाब के फरीदकोट में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम में क्षेत्र के सर्वाधिक तापमानों में शामिल रहा। हरियाणा के रोहतक में राज्य का सर्वोच्च तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पारा 45 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि हमीरपुर और बांदा जिलों में भी भीषण लू की स्थिति बनी रही।
राजस्थान के कोटा में गर्मी ने इंसानों के साथ-साथ पशुओं को भी प्रभावित किया। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि गौशालाओं में पशुओं को राहत देने के लिए पानी के छिड़काव और कूलर की व्यवस्था की गई है। दिल्ली में भी कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा, और दोपहर में घर से बाहर निकलना कठिन हो गया।
पहाड़ी राज्यों में भी असामान्य गर्मी
हिमाचल प्रदेश भी इस बार लू की चपेट से नहीं बचा। मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार के लिए कांगड़ा और सोलन जिलों में लू की चेतावनी जारी की। पहाड़ी राज्य का सबसे गर्म स्थान ऊना रहा, जहाँ तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ — सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक। शिमला में भी इस मौसम का सर्वाधिक तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब पहाड़ी क्षेत्र आमतौर पर मैदानी इलाकों से काफी ठंडे रहते हैं।
स्वास्थ्य तंत्र की तैयारी
नोएडा में लू से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों के मद्देनजर अधिकारियों ने चिकित्सा तैयारियाँ तेज़ कर दी हैं। जिला अस्पताल में लू के मरीजों के लिए एक विशेष कूल रूम स्थापित किया गया है, जिसमें अलग बिस्तर आरक्षित हैं और अतिरिक्त डॉक्टरों को अलर्ट ड्यूटी पर तैनात किया गया है।
गाजीपुर के मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आनंद मिश्रा ने बताया कि 41 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान और बढ़ती लू की चेतावनी को देखते हुए 10 बिस्तरों वाला एक विशेष लू वार्ड स्थापित किया गया है।
आम जनता पर असर
वाराणसी के स्थानीय निवासियों ने बताया कि लोग चिलचिलाती धूप से बचने के लिए छतरियों और सूती कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। एक निवासी ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सलाह दी कि दोपहर में बाहर निकलने से बचें और सुबह या शाम के समय ही यात्रा करें, क्योंकि बीमार पड़ने का गंभीर खतरा है। हमीरपुर के निवासियों का कहना है कि इस वर्ष की गर्मी पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक तीव्र है।
IMD की चेतावनी और आगे का अनुमान
चंडीगढ़ में IMD के निदेशक सुरिंदर पॉल ने कहा कि अगले कम से कम 48 घंटों तक लू जैसी स्थिति बनी रहने की आशंका है। विभाग ने नागरिकों से दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनने की अपील की है। गौरतलब है कि उत्तर भारत में मई के महीने में इस स्तर की लू असामान्य नहीं है, लेकिन इस बार पहाड़ी राज्यों तक इसका विस्तार चिंताजनक संकेत है।