चीन का ताइवान नेता लाई छिंग-ते पर कड़ा प्रहार: 'स्वाधीनता की कुचेष्टा कभी बर्दाश्त नहीं'

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चीन का ताइवान नेता लाई छिंग-ते पर कड़ा प्रहार: 'स्वाधीनता की कुचेष्टा कभी बर्दाश्त नहीं'

सारांश

चीन ने ताइवान नेता लाई छिंग-ते के 20 मई के बयान को 'झूठ और टकराव से भरा' करार देते हुए कड़ी चेतावनी दी कि स्वाधीनता की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीजिंग ने लाई को 'ताइवान जलडमरुमध्य के संकट का निर्माता' बताया।

मुख्य बातें

चीनी राज्य परिषद के प्रवक्ता छन पिनहुआ ने 20 मई 2026 को ताइवान नेता लाई छिंग-ते के बयान की कड़ी निंदा की।
बीजिंग ने लाई के बयान को 'झूठ, धोखे, शत्रुता और टकराव से भरा' बताया।
चीन ने दोहराया कि ताइवान चीन का अभिन्न हिस्सा है — 'न पहले स्वतंत्र देश रहा, न भविष्य में होगा।' लाई को 'दोनों तटों की शांति का विध्वंसक' और ' ताइवान जलडमरुमध्य के संकट का निर्माता ' करार दिया गया।
बीजिंग ने चेतावनी दी कि किसी भी बहाने से 'ताइवान की स्वाधीनता की कुचेष्टा' कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

चीनी राज्य परिषद के ताइवान कार्यालय के प्रवक्ता छन पिनहुआ ने 20 मई 2026 को ताइवान के नेता लाई छिंग-ते द्वारा जारी बयान को सिरे से खारिज करते हुए उसे 'झूठ, धोखे, शत्रुता और टकराव से भरा' करार दिया। बीजिंग की यह तीखी प्रतिक्रिया लाई के उस संबोधन के कुछ घंटों बाद आई जिसमें उन्होंने ताइवान की तथाकथित 'संप्रभुता व स्वतंत्रता' की दलील दोहराई।

बीजिंग ने क्या कहा

प्रवक्ता छन पिनहुआ ने कहा कि लाई छिंग-ते ने 'ताइवान की स्वाधीनता' के गलत रुख पर अड़े रहते हुए 'मुख्य भूमि से खतरे' को जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। उनके अनुसार, लाई ने 'बल के जरिए स्वतंत्रता की कोशिश' और 'विदेशी ताकतों पर भरोसा करके स्वतंत्रता की कोशिश' — दोनों रास्ते अपनाने का प्रयास किया।

छन ने लाई को 'दोनों तटों की शांति का विध्वंसक' और 'ताइवान जलडमरुमध्य के संकट का निर्माता' बताया। यह भाषा बीजिंग की उस कठोर रेखा को दर्शाती है जो वह ताइवान की किसी भी स्वायत्तता की माँग पर खींचता आया है।

चीन का मूल रुख

प्रवक्ता ने दोटूक कहा कि ताइवान चीन का अभिन्न हिस्सा है और 'न पहले कभी स्वतंत्र देश रहा है, न भविष्य में होगा।' उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रभुसत्ता और प्रादेशिक अखंडता की रक्षा करना समस्त चीनी जनता की 'दृढ़ इच्छाशक्ति' है।

छन पिनहुआ ने स्पष्ट चेतावनी दी: 'हम किसी भी व्यक्ति और किसी भी बल को किसी भी बहाने से ताइवान की स्वाधीनता की कुचेष्टा करने की इजाजत कतई नहीं देंगे।'

ताइवान जलडमरुमध्य पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब ताइवान जलडमरुमध्य में तनाव पहले से ऊँचे स्तर पर है। गौरतलब है कि लाई छिंग-ते के सत्ता संभालने के बाद से बीजिंग ने ताइवान के आसपास सैन्य अभ्यास की आवृत्ति बढ़ाई है। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्षों की कठोर भाषा किसी भी कूटनीतिक संवाद की संभावना को और संकुचित कर देती है।

व्यापक संदर्भ

यह पहली बार नहीं है जब बीजिंग ने ताइवान नेतृत्व पर इस तीव्रता से प्रहार किया हो। 20 मई की तारीख ताइवान में सत्ता-हस्तांतरण की वर्षगाँठ के रूप में राजनीतिक रूप से संवेदनशील मानी जाती है, और इस दिन दिए गए किसी भी बयान को बीजिंग बारीकी से परखता है। विश्लेषकों के अनुसार, बीजिंग की यह प्रतिक्रिया घरेलू दर्शकों के लिए भी उतनी ही है जितनी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए।

आगे क्या

फिलहाल ताइवान की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक यह देखने के लिए नज़र बनाए हुए हैं कि क्या बीजिंग इस कूटनीतिक तनाव के बाद कोई ठोस सैन्य या नीतिगत कदम उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी भाषा की तीव्रता उल्लेखनीय है — 'विध्वंसक' और 'संकट का निर्माता' जैसे शब्द कूटनीतिक शब्दावली से परे हैं। असली सवाल यह है कि क्या यह महज़ बयानबाज़ी है या किसी ठोस दबाव की पूर्वपीठिका। ताइवान जलडमरुमध्य में तनाव का यह चक्र हर सत्ता-हस्तांतरण के मौके पर दोहराया जाता है, और दोनों पक्षों की कठोर भाषा किसी भी बैक-चैनल कूटनीति को कठिन बनाती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेषकर अमेरिका और जापान, इस तनाव को किस हद तक प्रबंधित करते हैं — यह आने वाले हफ्तों की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन ने ताइवान नेता लाई छिंग-ते के बयान पर क्या कहा?
चीनी राज्य परिषद के प्रवक्ता छन पिनहुआ ने 20 मई 2026 को लाई छिंग-ते के बयान को 'झूठ, धोखे, शत्रुता और टकराव से भरा' बताया। उन्होंने लाई को 'दोनों तटों की शांति का विध्वंसक' और 'ताइवान जलडमरुमध्य के संकट का निर्माता' करार दिया।
चीन का ताइवान की स्वाधीनता पर क्या रुख है?
बीजिंग का स्पष्ट रुख है कि ताइवान चीन का अभिन्न हिस्सा है और वह कभी स्वतंत्र देश नहीं रहा। चीन ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति या बल को 'ताइवान की स्वाधीनता की कुचेष्टा' करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
लाई छिंग-ते ने अपने बयान में क्या कहा था?
बीजिंग के अनुसार, लाई छिंग-ते ने ताइवान की तथाकथित 'संप्रभुता व स्वतंत्रता' की दलील दोहराई और 'मुख्य भूमि से खतरे' को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। चीन का आरोप है कि लाई ने 'बल के जरिए' और 'विदेशी ताकतों पर भरोसा करके' स्वतंत्रता की कोशिश का संकेत दिया।
ताइवान जलडमरुमध्य में मौजूदा तनाव की स्थिति क्या है?
ताइवान जलडमरुमध्य में तनाव ऊँचे स्तर पर बना हुआ है। लाई छिंग-ते के सत्ता में आने के बाद से बीजिंग ने ताइवान के आसपास सैन्य गतिविधियाँ बढ़ाई हैं। 20 मई की तारीख ताइवान में राजनीतिक रूप से संवेदनशील मानी जाती है, और इस पर बीजिंग की तीखी प्रतिक्रिया इसी संदर्भ में देखी जा रही है।
चीन के इस बयान का क्या असर हो सकता है?
विश्लेषकों के अनुसार, बीजिंग की यह कठोर भाषा किसी भी कूटनीतिक संवाद की संभावना को और कम कर सकती है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक यह देखने के लिए नज़र बनाए हुए हैं कि क्या चीन इसके बाद कोई ठोस सैन्य या नीतिगत कदम उठाता है।
राष्ट्र प्रेस
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