जयपुर में जून के पहले सप्ताह में 'भारत टैक्सी' सेवा लॉन्च, चालक खुद होंगे मालिक
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर में सहकारी मॉडल पर आधारित 'भारत टैक्सी' सेवा जून 2026 के पहले सप्ताह में शुरू होने जा रही है, जो यात्रियों को किफायती और सुरक्षित परिवहन देने के साथ-साथ टैक्सी चालकों को कंपनी का सह-स्वामी बनाएगी। दिल्ली, लखनऊ, मुंबई और चंडीगढ़ में सफल संचालन के बाद यह सेवा अब राजस्थान की राजधानी तक पहुँच रही है।
मुख्य घटनाक्रम
राजस्थान के सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार डाक ने बुधवार, 20 मई 2026 को जयपुर के एपेक्स बैंक सभागार में आयोजित 'भारत टैक्सी संवाद' कार्यक्रम में चालकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह भारत की पहली सहकारी मॉडल टैक्सी सेवा है, जो जनता को किफायती परिवहन देने के साथ-साथ चालकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी।
डाक ने स्पष्ट किया कि इस सेवा में किसी निजी कॉर्पोरेट संस्था की जगह टैक्सी चालक स्वयं कंपनी के मालिक होंगे — यह परंपरागत राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म से एक बुनियादी अंतर है।
सेवा के चार मूल सिद्धांत
भारत टैक्सी चार प्रमुख स्तंभों पर टिकी है — स्वामित्व, सुरक्षा, सम्मान और समान लाभ-साझाकरण। किसी भी चालक का अकाउंट उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना निलंबित नहीं किया जाएगा — एक ऐसा प्रावधान जो निजी प्लेटफॉर्म पर अक्सर विवाद का कारण बनता है।
राज्य मंत्री के अनुसार, यह सेवा चालकों को निजी कंपनियों के छिपे हुए शुल्कों और मनमाने सदस्यता शुल्कों से मुक्ति दिलाएगी और उनके आत्मविश्वास व आजीविका में सुधार लाएगी।
चालकों की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में उपस्थित चालकों ने भारत टैक्सी के शुभारंभ का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी सहकारी संस्था के माध्यम से संचालित होने से लाभ देश के भीतर ही रहेगा और निजी कंपनियों की मनमानी से राहत मिलेगी। डाक ने चालकों से इस पहल के बारे में जागरूकता फैलाने और अधिक से अधिक साथियों को जोड़ने का आग्रह किया।
विस्तार की योजना
यह ऐसे समय में आया है जब निजी राइड-हेलिंग कंपनियों पर चालकों के साथ अनुचित व्यवहार के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। गौरतलब है कि सहकारी परिवहन मॉडल को लेकर यह पहली बड़ी सरकार-समर्थित पहल है जो एक साथ कई प्रमुख शहरों में विस्तार कर रही है। जयपुर के बाद अन्य राजस्थानी शहरों में भी सेवा शुरू करने की योजना है।