चीन-अमेरिका व्यापार वार्ता में बड़ी सहमति: टैरिफ सीमा तय, 200 बोइंग विमान खरीदेगा चीन
सारांश
मुख्य बातें
चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने 20 मई 2025 को चीन-अमेरिका आर्थिक वार्ता की प्रारंभिक उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा दिया, जिसमें द्विपक्षीय टैरिफ पर ऊपरी सीमा तय करने और 200 बोइंग विमानों की खरीद सहित कई अहम सहमतियों की जानकारी दी गई। यह वार्ता ऐसे समय में हुई जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव अपने चरम पर था।
यात्रा और वार्ता की पृष्ठभूमि
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के निमंत्रण पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 13 से 15 मई तक चीन की राजकीय यात्रा की। इस दौरान दोनों राष्ट्रपतियों ने बीजिंग में मुलाकात की। यात्रा से पहले, 12 और 13 मई को दोनों देशों के आर्थिक और व्यापार दलों ने दक्षिण कोरिया में बैठक की, जहाँ प्रमुख व्यापारिक मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
टैरिफ पर मुख्य सहमति
वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि टैरिफ दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में सबसे संवेदनशील मुद्दा रहा है। वार्ता में यह तय किया गया कि चाहे भविष्य में कोई भी कारण दिया जाए, चीन पर अमेरिकी टैरिफ का स्तर कुआलालंपुर में हुए संयुक्त परामर्श में तय सीमा से अधिक नहीं होगा। अधिकारी ने यह भी कहा कि आगे की बातचीत से चीनी वस्तुओं पर लगे कुछ एकतरफा टैरिफ समाप्त होंगे और अमेरिका से अपना वादा निभाने की अपेक्षा की गई है।
व्यापार और निवेश परिषदों की स्थापना
दोनों पक्षों ने सरकारों के बीच व्यापार परिषद और निवेश परिषद स्थापित करने पर सहमति जताई है। अधिकारी के अनुसार, दोनों दल घनिष्ठ संपर्क में हैं और शीघ्र ही ठोस कार्य-योजना तैयार की जाएगी। गौरतलब है कि इन दोनों परिषदों की स्थापना को दीर्घकालिक द्विपक्षीय आर्थिक स्थिरता के लिए जरूरी माना जा रहा है।
कृषि, विमानन और आपूर्ति श्रृंखला पर समझौते
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, चीन हवाई परिवहन की जरूरतों के अनुसार व्यावसायिक सिद्धांतों के तहत 200 बोइंग विमान आयात करेगा। इसके बदले अमेरिका चीन को इंजन और स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा, दोनों देशों ने कृषि उत्पादों के लिए दो-तरफा बाजार पहुँच पर भी कई सहमतियाँ बनाई हैं और कुछ गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने पर सक्रिय रूप से सहमति बनी है।
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर चीन का रुख
चीन ने स्पष्ट किया कि वह अमेरिकी कंपनियों के साथ आपसी लाभ वाला सहयोग बढ़ाना चाहता है और वैश्विक औद्योगिक व आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा व स्थिरता बनाए रखने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने को प्रतिबद्ध है। यह बयान ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएँ आपूर्ति श्रृंखला के विखंडन से जूझ रही हैं। आने वाले हफ्तों में दोनों पक्षों की बातचीत और विस्तृत रूप लेने की उम्मीद है।