चीन-अमेरिका व्यापार वार्ता: शी-बाइडन मुलाकात के बाद 5 अहम सहमतियाँ, व्यापार परिषद की होगी स्थापना
सारांश
मुख्य बातें
चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने 16 मई को स्पष्ट किया कि चीन और अमेरिका के बीच हालिया व्यापारिक वार्ता में पाँच ठोस सहमतियाँ बनी हैं, जो दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने की क्षमता रखती हैं। 14 मई को बीजिंग में हुई दोनों देशों के राष्ट्रपतियों की शिखर बैठक के बाद यह घोषणा आई है, जिसे वैश्विक व्यापार जगत में सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्रपति स्तर की बैठक और मूल सिद्धांत
14 मई को बीजिंग में हुई शिखर वार्ता में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि चीन-अमेरिका आर्थिक संबंधों का मूल सिद्धांत आपसी लाभ और समान जीत है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि दोनों देशों के आर्थिक दलों ने संतुलित और सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए हैं, जो न केवल दोनों देशों की जनता बल्कि समूची दुनिया के लिए शुभ संकेत है। वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, दोनों पक्षों को इस कठिन परिश्रम से हासिल बेहतर रुझान को बनाए रखना होगा।
दक्षिण कोरिया वार्ता में बनी पाँच सहमतियाँ
13 मई को दक्षिण कोरिया में हुई आर्थिक और व्यापारिक दलों की वार्ता में निम्नलिखित पाँच बिंदुओं पर सक्रिय सहमति बनी:
पहला — दोनों पक्ष पूर्व वार्ताओं में हासिल परिणामों का प्रभावी कार्यान्वयन करेंगे और शुल्क व्यवस्था से जुड़ी सकारात्मक सहमति को लागू करेंगे।
दूसरा — व्यापार और निवेश संबंधी चिंताओं पर चर्चा के लिए व्यापार परिषद और निवेश परिषद की स्थापना की जाएगी — यह एक संस्थागत संवाद तंत्र का निर्माण है जो दीर्घकालिक महत्व रखता है।
तीसरा — दोनों पक्ष कुछ कृषि उत्पादों की गैर-शुल्क बाधाओं और बाज़ार प्रवेश संबंधी समस्याओं का समाधान करेंगे या उन्हें सार्थक रूप से प्रोत्साहित करेंगे।
चौथा — कुछ निर्धारित दायरे के उत्पादों पर पारस्परिक शुल्क में छूट देकर कृषि क्षेत्र सहित अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर सहमति बनी।
पाँचवाँ — चीन द्वारा अमेरिका से विमान की खरीदारी और अमेरिका द्वारा विमान इंजन व कलपुर्जों की चीन को आपूर्ति सुनिश्चित करने पर संबंधित समझौता संपन्न हुआ, और दोनों पक्षों ने इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
आगे की राह और कार्यान्वयन
वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि उपलब्धियों के विवरण पर दोनों पक्षों के बीच वार्ता अभी जारी है। दोनों देशों के आर्थिक और व्यापारिक दल राष्ट्रपति स्तर पर हुई सहमति के अनुसार इन उपलब्धियों का कार्यान्वयन करेंगे। इसका उद्देश्य चीन-अमेरिका आर्थिक सहयोग और विश्व अर्थव्यवस्था में अधिक निश्चितता व स्थिरता लाना बताया गया है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब वैश्विक बाज़ार लंबे समय से चीन-अमेरिका व्यापार तनाव के कारण अनिश्चितता में हैं। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक विवाद का सिलसिला वर्षों से चला आ रहा है और यह पहली बार है जब इस स्तर पर संस्थागत संवाद तंत्र — व्यापार परिषद और निवेश परिषद — बनाने पर सहमति बनी है। विश्लेषकों के अनुसार, यदि ये सहमतियाँ धरातल पर उतरती हैं, तो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और व्यापार प्रवाह पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।