ट्रंप-जिनपिंग बीजिंग शिखर वार्ता: 'शानदार ट्रेड डील', ईरान पर एकमत, सितंबर में शी का अमेरिका दौरा संभव
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 15 मई 2025 को बीजिंग में अपने चीन दौरे के अंतिम दिन चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की और दावा किया कि दोनों देशों के बीच 'शानदार ट्रेड डील' हुई है। झोंगनानहाई लीडरशिप कंपाउंड में हुई इस बैठक में व्यापार, तकनीक, ईरान और ताइवान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।
मुख्य घटनाक्रम
ट्रंप और जिनपिंग ने गुरुवार को दो घंटे से अधिक की बंद कमरे में बैठक की, जिसके बाद शुक्रवार को दोनों नेताओं ने झोंगनानहाई के बगीचे में साथ टहलते और चाय पीते हुए समय बिताया। इसके बाद द्विपक्षीय बैठक और लंच भी हुआ। बैठक के बाद ट्रंप ने इस दौरे को 'अविश्वसनीय' करार दिया।
ट्रेड डील और आर्थिक सहयोग
ट्रंप ने कहा, 'इससे बहुत कुछ अच्छा हुआ है।' हालाँकि उन्होंने व्यापार समझौते का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया, उन्होंने संबंधों को 'बहुत मजबूत' बताया। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई जब दोनों देश पहले से चले आ रहे व्यापार तनाव के बीच संवाद की नई राह तलाश रहे हैं।
ईरान और होर्मुज स्ट्रेट पर सहमति
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के मुद्दे पर अमेरिका और चीन के विचार एकसमान हैं। उन्होंने कहा, 'दोनों देश रणनीतिक समुद्री रास्ते के जरिए शिपिंग एक्सेस बहाल करने का समर्थन करते हैं, जिससे आम तौर पर दुनिया की लगभग 20 फीसदी तेल सप्लाई गुजरती है।' ट्रंप ने यह भी दावा किया कि जिनपिंग ने उन्हें आश्वस्त किया कि चीन ईरान को सैन्य उपकरण नहीं देगा — जिसे ट्रंप ने एक बड़ा बयान बताया। उल्लेखनीय है कि चीन, ईरान का सबसे बड़ा तेल खरीदार बना हुआ है।
शी जिनपिंग का अमेरिका दौरा
ट्रंप ने बताया कि शी जिनपिंग के सितंबर 2025 में अमेरिका आने की उम्मीद है। यह संकेत दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद की निरंतरता की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर अमेरिका-चीन संबंधों को लेकर अनिश्चितता का माहौल रहा है।
आगे क्या
ट्रंप के वाशिंगटन लौटने के बाद व्यापार समझौते का औपचारिक ब्यौरा सामने आने की उम्मीद है। विश्लेषकों की नज़र इस पर होगी कि क्या ईरान को लेकर जिनपिंग की कथित प्रतिबद्धता व्यावहारिक नीति में तब्दील होती है, या यह केवल कूटनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहती है।