ओपनएआई ने चैटजीपीटी मोबाइल ऐप में जोड़ा 'कोडेक्स', iOS और Android पर 40 लाख+ यूजर्स को मिलेगी रिमोट कोडिंग सुविधा
सारांश
मुख्य बातें
ओपनएआई ने 15 मई 2026 को अपने एआई कोडिंग सहायक 'कोडेक्स' को चैटजीपीटी मोबाइल ऐप में एकीकृत कर दिया है, जिससे iOS और Android दोनों प्लेटफॉर्म के डेवलपर्स अब स्मार्टफोन से ही कोडिंग कार्यों की निगरानी, प्रबंधन और स्वीकृति दे सकेंगे। यह फीचर फिलहाल प्रीव्यू मोड में उपलब्ध है और चैटजीपीटी के सभी प्लान — फ्री और गो सहित — पर एक्सेस किया जा सकता है।
कोडेक्स मोबाइल इंटीग्रेशन में क्या मिलेगा
इस एकीकरण के बाद यूजर्स अपने स्मार्टफोन को उन मशीनों से जोड़ सकेंगे जहाँ कोडेक्स चल रहा है — जैसे लैपटॉप, मैक मिनी, डेवलपमेंट बॉक्स और मैनेज्ड रिमोट सिस्टम। चैटजीपीटी ऐप पर सीधे प्रोजेक्ट के लाइव अपडेट देखे जा सकेंगे।
ओपनएआई के अनुसार, मोबाइल अनुभव के तहत यूजर्स आउटपुट की समीक्षा कर सकेंगे, कमांड को स्वीकृति दे पाएंगे, एआई मॉडल बदल सकेंगे, नए कोडिंग टास्क शुरू कर सकेंगे और चल रहे काम पर नज़र रख सकेंगे — बिना डेस्कटॉप पर लौटे।
डेटा सुरक्षा और रियल-टाइम सिंक
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि स्क्रीनशॉट, टर्मिनल आउटपुट, अंतर, परीक्षण परिणाम और मंजूरी जैसी रियल-टाइम अपडेट मोबाइल ऐप में सिंक होती रहेंगी। हालाँकि, फाइलें, लॉगिन जानकारी और अनुमति संबंधित डेटा कनेक्टेड मशीन पर ही सुरक्षित रहेगा — मोबाइल डिवाइस पर स्थानांतरित नहीं होगा।
उपयोगकर्ता आधार और नई सुविधाएँ
ओपनएआई ने बताया कि अब हर सप्ताह 40 लाख से अधिक लोग कोडेक्स का उपयोग कर रहे हैं — जो इस टूल की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत है। इसके साथ ही रिमोट एसएसएच सपोर्ट और हुक्स अब सभी प्लान्स में सामान्य रूप से उपलब्ध करा दिए गए हैं।
एंटरप्राइज और बिजनेस यूजर्स के लिए प्रोग्रामेटिक एक्सेस टोकन भी लॉन्च किए गए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र और एंटरप्राइज सेगमेंट के लिए पात्र चैटजीपीटी एंटरप्राइज वर्कस्पेस में स्थानीय सिस्टम पर कोडेक्स के उपयोग हेतु HIPAA-अनुपालन सपोर्ट भी उपलब्ध कराया जाएगा।
आगे क्या होगा
ओपनएआई ने घोषणा की है कि जल्द ही Windows सिस्टम पर चल रहे कोडेक्स को भी चैटजीपीटी मोबाइल ऐप से जोड़ने की सुविधा शुरू की जाएगी। यह कदम ऐसे समय में आया है जब एआई-सहायता प्राप्त कोडिंग टूल्स का बाज़ार तेज़ी से विस्तार कर रहा है और GitHub Copilot, Google Gemini Code Assist जैसे प्रतिस्पर्धी भी मोबाइल-फर्स्ट अनुभव की दिशा में काम कर रहे हैं।