नीट पेपर लीक के बाद ऋतिक मिश्रा की कथित आत्महत्या पर प्रियंका गांधी का सरकार से सवाल — 'जवाबदेही कब तय होगी?'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार, 15 मई को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में नीट-यूजी उम्मीदवार ऋतिक मिश्रा की कथित आत्महत्या पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया। परिवार के अनुसार, 3 मई को कानपुर में नीट-यूजी परीक्षा देने वाले ऋतिक परीक्षा रद्द होने के बाद से गहरे मानसिक तनाव में थे।
प्रियंका गांधी की एक्स पर पोस्ट
प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'यूपी के लखीमपुर खीरी में छात्र ऋतिक मिश्रा के खुदकुशी का समाचार अत्यंत दुखद है। ऋतिक के शोक संतप्त माता-पिता एवं परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।' उन्होंने आगे कहा, 'पीड़ित परिवार के मुताबिक, नीट परीक्षा रद्द होने की वजह से ऋतिक मानसिक तनाव में थे। परीक्षाओं में चल रहा भयानक भ्रष्टाचार युवाओं की जान ले रहा है। हर साल लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है।'
उन्होंने सरकार से सीधे सवाल पूछा — 'यह सिलसिला कब रुकेगा? जवाबदेही कब तय होगी?'
ऋतिक मिश्रा की कथित आत्महत्या का घटनाक्रम
परिवार के बयान के अनुसार, ऋतिक मिश्रा ने कथित तौर पर गुरुवार को लखीमपुर खीरी स्थित अपने आवास पर आत्महत्या कर ली। उन्होंने 3 मई को कानपुर में नीट-यूजी 2026 परीक्षा दी थी। परीक्षा रद्द होने की घोषणा के बाद से वह परेशान बताए जा रहे थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जाँच कर रही है।
नीट-यूजी 2026 रद्द और सीबीआई जाँच
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने कई परीक्षा केंद्रों से पेपर लीक के आरोपों के बाद 3 मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द कर दी। अब यह परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी। प्रश्नपत्र लीक मामले की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है, जो कथित रैकेट की जाँच कर रही है — जिसमें प्रश्नपत्र के लीक होने और उसे प्रसारित करने के तरीके भी शामिल हैं। अब तक एजेंसी ने विभिन्न राज्यों में कई छापे मारे हैं और इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है।
सरकार की प्रतिक्रिया और बड़े बदलाव
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 21 जून को री-एग्जामिनेशन की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगले वर्ष से नीट-यूजी परीक्षा पारंपरिक ओएमआर आधारित प्रणाली के बजाय कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी।
आम छात्रों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में लाखों नीट अभ्यर्थी पुनः परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी प्रतियोगी परीक्षा में पेपर लीक के बाद छात्रों में मानसिक दबाव की खबरें सामने आई हों। आलोचकों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के बिना ऐसी घटनाएँ रुकने वाली नहीं हैं। सीबीआई की जाँच और परीक्षा प्रणाली में प्रस्तावित बदलाव इस संकट का स्थायी समाधान दे पाएंगे या नहीं, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।