ईशान किशन को ₹1 करोड़ का सम्मान: बिहार CM सम्राट चौधरी ने टी20 वर्ल्ड कप हीरो को किया पुरस्कृत
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 15 मई 2026 को विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन को आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में भारत की ऐतिहासिक जीत में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए ₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया। 'बिहार के लाल' के रूप में पहचाने जाने वाले ईशान का यह सम्मान राज्य सरकार की ओर से उनके असाधारण टूर्नामेंट प्रदर्शन की आधिकारिक स्वीकृति है।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर ईशान के साथ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, 'आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 के विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य, शानदार बल्लेबाज, बिहार के लाल ईशान किशन को विश्व कप जिताने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए राज्य सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये की राशि देकर सम्मानित किया। सफल क्रिकेट करियर के लिए हार्दिक शुभकामनाएं, बिहार का नाम यूं ही रोशन करते रहिए।'
टूर्नामेंट में ईशान का प्रदर्शन
टी20 विश्व कप 2026 में ईशान किशन ने नंबर तीन पर खेलते हुए 9 मुकाबलों में 193 के स्ट्राइक रेट से 317 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने तीन अर्धशतक जमाए और उनका सर्वोच्च स्कोर 77 रन रहा। रन-संग्रह के मामले में वे भारत की ओर से संजू सैमसन के बाद दूसरे सबसे सफल बल्लेबाज रहे।
फाइनल में ईशान की तूफानी पारी
न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले में ईशान किशन ने महज 25 गेंदों में 54 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसकी बदौलत भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। 256 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की पूरी टीम मात्र 159 रन पर सिमट गई।
बुमराह की घातक गेंदबाज़ी और ऐतिहासिक जीत
गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह ने 4 ओवर में सिर्फ 15 रन देकर 4 विकेट झटके। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम घरेलू सरज़मीं पर टी20 विश्व कप का खिताब जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बनी। इसके साथ ही टीम इंडिया टी20 विश्व कप के खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करने वाली भी पहली टीम बन गई — क्रिकेट इतिहास में यह दोहरी उपलब्धि अभूतपूर्व है।
यह पुरस्कार समारोह उस व्यापक परंपरा का हिस्सा है जिसमें राज्य सरकारें अपने खिलाड़ियों की राष्ट्रीय उपलब्धियों को आधिकारिक रूप से सम्मानित करती हैं। ईशान किशन के लिए यह मान्यता उनके संघर्षशील करियर में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है।