क्या अच्छे प्रदर्शन के बावजूद टीम इंडिया से बाहर होना ईशान किशन के लिए निराशाजनक रहा?
सारांश
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नई दिल्ली, 19 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने झारखंड को अपनी कप्तानी में पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का खिताब दिलवाया है। पूरे टूर्नामेंट में बतौर कप्तान और खिलाड़ी उनके प्रदर्शन ने सभी को प्रभावित किया। खासकर, हरियाणा के खिलाफ फाइनल में एक शतक लगाकर उन्होंने प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीता। अपनी घरेलू टीम को चैंपियन बनाने के बाद, ईशान ने भारतीय टीम से बाहर रहने पर पहली बार अपनी भावनाएं साझा कीं।
ईशान किशन ने कहा, "मैंने अच्छा प्रदर्शन किया था, इसलिए जब मुझे भारतीय टीम में नहीं चुना गया, तो मुझे बहुत बुरा लगा। मैंने सोचा कि शायद मुझे और मेहनत करनी होगी। मुझे अपनी टीम को जीत दिलानी है और हमें एक टीम के रूप में अच्छा करना होगा। निराशा के बजाय, मैं हमेशा कड़ी मेहनत करता रहूंगा और खुद पर विश्वास बनाए रखूंगा। मेरा कार्य केवल अच्छा प्रदर्शन करना है।"
ईशान ने अपनी कप्तानी में झारखंड को न केवल चैंपियन बनाया, बल्कि वे टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर भी रहे। उन्होंने 10 मैचों में 2 शतक और 2 अर्धशतक बनाते हुए 517 रन बनाए, जिसमें उनकी स्ट्राइक रेट 197.32 रही। उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 113 रहा।
टी20 विश्व कप 2026 के लिए भारतीय टीम का चयन संभवतः शनिवार को होगा। ईशान विकेटकीपर के साथ-साथ ओपनर और मध्य क्रम के बल्लेबाज का विकल्प भी प्रस्तुत करते हैं। देखना होगा कि उन्हें टीम में वापसी का मौका मिलता है या नहीं।
ईशान, जिन्होंने भारतीय टीम के लिए 2 टेस्ट, 27 वनडे और 32 टी20 मैच खेले हैं, एशिया कप 2023 जीतने वाली और वनडे विश्व कप 2023 का फाइनल खेलने वाली टीम इंडिया के सदस्य रहे थे। उन्होंने नवंबर 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था, जिसके बाद उन्हें भारतीय टीम से ड्रॉप कर दिया गया। पिछले 2 वर्षों से घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाने वाले किशन अब राष्ट्रीय टीम में वापसी का इंतजार कर रहे हैं।