इजरायल पहुंचे अमेरिकी हथियार लदे दर्जनों विमान, ईरान पर नए हमले की तैयारी के संकेत
सारांश
मुख्य बातें
इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 18 मई को तेल अवीव में स्थिति तेज़ी से बदली — जर्मनी स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों से हथियार और गोला-बारूद लेकर दर्जनों कार्गो विमान इजरायल पहुंचे हैं, जिसे ईरान के खिलाफ संभावित नए सैन्य अभियान की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। इजरायली सेना को कथित तौर पर हाई अलर्ट पर रखा गया है।
मुख्य घटनाक्रम
इजरायली चैनल-13 ने दावा किया कि अमेरिकी कार्गो विमान बड़ी मात्रा में गोला-बारूद लेकर इजरायल पहुंचे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह खेप ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तैयारी का हिस्सा हो सकती है। इजरायली सार्वजनिक प्रसारक 'कान' ने एक अज्ञात सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि यदि अमेरिका ईरान पर नए हमले करता है, तो इजरायल भी उसमें शामिल होकर ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बना सकता है।
ट्रंप-नेतन्याहू बातचीत की पृष्ठभूमि
यह घटनाक्रम रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई कथित तौर पर लगभग आधे घंटे की बातचीत के बाद सामने आया। चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बातचीत 'ईरान में फिर से संघर्ष की तैयारियों के बीच' हुई और दोनों नेताओं ने ईरान में संभावित नए संघर्ष पर चर्चा की।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इजरायल को उम्मीद है कि किसी भी अमेरिकी कार्रवाई से पहले उसे सूचित किया जाएगा, हालांकि संभावित निर्णय की समय-सीमा को लेकर अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है।
कूटनीतिक दबाव और ट्रंप की चेतावनी
चैनल 12 के अनुसार, ट्रंप पर चीन समेत कई पक्षों का दबाव है कि वह ईरान के साथ नए सैन्य टकराव में शामिल होने की बजाय कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ें। इस बीच, चर्चा में ट्रंप का वह ट्रुथ सोशल पोस्ट भी है, जिसमें उन्होंने एक एआई-जनरेटेड इमेज साझा की — इस तस्वीर में मध्य पूर्व का एक नक्शा दिखाया गया है जिस पर अमेरिकी ध्वज ओवरले किया गया है और कई लाल तीर सीधे ईरान की ओर इशारा करते दिखाई देते हैं।
यह इमेज बिना किसी स्पष्ट कैप्शन के साझा की गई, लेकिन इसे ईरान पर संभावित दबाव या चेतावनी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले भी ट्रंप ने कई एआई-जनरेटेड तस्वीरें पोस्ट की हैं जिनमें ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत देने वाली सामग्री शामिल रही है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता की प्रक्रिया जारी है और क्षेत्र में तनाव पहले से ही ऊंचे स्तर पर है। विश्लेषकों के अनुसार, हथियारों की यह आपूर्ति और इजरायली सेना की सतर्कता एक साथ मिलकर मध्य पूर्व में नई अस्थिरता का संकेत दे सकती है।
क्या होगा आगे
अमेरिका और इजरायल कथित तौर पर ईरान पर नए हमलों के सैन्य विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि किसी भी संभावित कार्रवाई की समय-सीमा अभी अनिश्चित बनी हुई है। क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सभी की नज़रें अब वाशिंगटन और तेल अवीव के अगले कदम पर टिकी हैं।