इजरायली विदेश मंत्री ने किया ऐलान, 'इस हफ्ते ईरान पर हमलों में होगी बढ़ोतरी'
सारांश
Key Takeaways
- इजरायल ने अगले हफ्ते ईरान के खिलाफ हमले तेज करने की योजना बनाई है।
- रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज का कहना है कि यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी जब तक खतरा दूर नहीं हो जाता।
- ईरान ने सीजफायर को स्वीकार करने से इंकार किया है।
- यूएस और इजरायल की सैन्य कार्रवाई क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रभाव डाल सकती है।
- ईरान ने अपने बचाव में आत्मरक्षा का तर्क दिया है।
तेल अवीव, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल ने सैन्य संघर्ष के 22वें दिन यह दावा किया है कि अगले हफ्ते में ईरान के खिलाफ हमले और अधिक तीव्र होंगे। यह जानकारी इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने सैन्य अधिकारियों के साथ हुई बैठक में साझा की।
टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, काट्ज ने यह कहा कि इजरायल ईरानी शासन के खिलाफ हमले को लीड करने, उसके कमांडर्स को खत्म करने और उसकी रणनीतिक क्षमताओं को कम करने के लिए दृढ़ है। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी जब तक कि इजरायल और इस क्षेत्र में यूएस के हितों के लिए खतरा समाप्त नहीं हो जाता।
उन्होंने कहा, "हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक युद्ध के सभी उद्देश्यों की पूर्ति नहीं हो जाती।" काट्ज ने कहा कि इस हफ्ते ईरान के खिलाफ हमले और तेज होंगे।
उन्होंने कहा, "इस हफ्ते, आईडीएफ और यूएस मिलिट्री ईरानी शासन और उसके बुनियादी ढांचे के खिलाफ बड़ा हमला करेंगे; इसकी गति पहले से कहीं अधिक होगी।"
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल संघर्ष को समाप्त करने के लिए केवल सीजफायर पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसका पूरी तरह समाप्त होना चाहिए।
जापान की क्योडो न्यूज एजेंसी को दिए गए एक इंटरव्यू में अराघची ने कहा, "यह युद्ध हमारा नहीं है; इसे हम पर थोपा गया है। जब हम अमेरिका के साथ बातचीत कर रहे थे, उसी दौरान हम पर हमला किया गया, जो पूरी तरह से गैरकानूनी और बिना उकसावे का था।"
उन्होंने कहा कि ईरान जो कुछ भी कर रहा है, वह आत्मरक्षा के तहत कर रहा है और जब तक आवश्यक होगा, अपनी रक्षा करता रहेगा।
अराघची ने स्पष्ट किया कि ईरान सीजफायर को स्वीकार नहीं करेगा, क्योंकि वह पिछले साल जैसी स्थिति दोबारा नहीं चाहता। उन्होंने कहा कि अब उन्होंने इस युद्ध को पूरी तरह से और हमेशा के लिए समाप्त करने की गारंटी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।
बता दें, यूएस-इजरायल सैन्य हमले के जवाब में ईरान ने अपने पड़ोसी और खाड़ी देशों को भी निशाना बनाया है। इजरायल के प्रमुख शहरों पर मिसाइलें दागी जा रही हैं। शनिवार को ऐसा ही एक मिसाइल इजरायल के एक किंडरगार्टन पर गिरा। आईडीएफ ने इस घटना की वीडियो क्लिप जारी की।
क्लिप में होम फ्रंट कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ, बी.जी. एलाद एड्री ने मध्य इजरायल के रिशोन लेजियन इलाके की जानकारी दी, जहां किंडरगार्टन की जगह पर ईरानी क्लस्टर मिसाइल गिरी थी। इसमें दावा किया गया कि ईरान आम लोगों को लगातार निशाना बना रहा है। हालाँकि, तेहरान बार-बार कहता रहा है कि वह रिहायशी इलाकों पर हमला नहीं करता और केवल जवाबी कार्रवाई करता है।