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ईरान के विदेश मंत्री की भारत और रूस के समकक्षों से फोन वार्ता, युद्ध की स्थिति पर चर्चा

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ईरान के विदेश मंत्री की भारत और रूस के समकक्षों से फोन वार्ता, युद्ध की स्थिति पर चर्चा

सारांश

तेहरान, 6 अप्रैल - ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे संघर्ष पर भारत और रूस के समकक्षों से संवाद किया। इस बातचीत में क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा मुद्दों पर गहन चर्चा की गई।

मुख्य बातें

ईरान के विदेश मंत्री की महत्वपूर्ण फोन वार्ता अमेरिका और इजरायल के हमलों पर चर्चा रूस और भारत का सहयोग संयुक्त राष्ट्र से अंतरराष्ट्रीय नियमों की मांग क्षेत्रीय स्थिरता के लिए प्रयासरत

तेहरान, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे क्षेत्रीय संघर्ष पर रूस और भारत के विदेश मंत्रियों से फोन पर बातचीत की।

ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, रविवार को आयोजित की गई दो अलग-अलग फोन कॉल में अरागची ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ पश्चिम एशिया के वर्तमान हालात और अमेरिका व इजरायल के हमलों के सुरक्षा और आर्थिक प्रभाव पर चर्चा की।

अरागची ने कहा कि पिछले 37 दिनों में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के नागरिकों पर कई हमले किए हैं, जिसमें औद्योगिक ढांचे, फैक्ट्रियाँ, अस्पताल, स्कूल, रिहायशी इलाके और परमाणु केंद्र शामिल हैं।

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से जुड़े प्रभावशाली देशों से अपील की कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार अपने कर्तव्यों का पालन करें।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की जनता और सेना अपने देश के हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका और इजरायल के हमलों का असर पूरे क्षेत्र और वैश्विक स्थिरता पर पड़ सकता है।

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने नागरिक इलाकों पर हो रहे “गैरकानूनी” हमलों को तुरंत रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से दक्षिणी ईरान के बुशेहर परमाणु संयंत्र पर हमलों का उल्लेख किया और कहा कि इस संघर्ष को फैलने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए।

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत युद्ध को रोकने के लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे प्रयासों का समर्थन करता है।

यह बातचीत तब हुई है जब 28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। इसके जवाब में ईरान और उसके सहयोगी देशों ने मध्य पूर्व में अमेरिका और इजराइल से जुड़े ठिकानों पर हमले किए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस बात का संकेत है कि वैश्विक स्तर पर तनावपूर्ण हालात को समझने और समाधान की दिशा में कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान के विदेश मंत्री ने किसके साथ फोन पर बातचीत की?
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने रूस और भारत के विदेश मंत्रियों के साथ फोन पर बातचीत की।
बातचीत में किस विषय पर चर्चा की गई?
बातचीत में अमेरिका और इजरायल के हमलों और उनके सुरक्षा तथा आर्थिक प्रभाव पर चर्चा की गई।
ईरान ने किन क्षेत्रों को हमलों का निशाना बनाया?
ईरान के नागरिकों के खिलाफ अमेरिका और इजरायल ने औद्योगिक ढांचे, फैक्ट्रियाँ, अस्पताल, स्कूल और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया।
रूस के विदेश मंत्री ने क्या कहा?
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने नागरिक इलाकों पर हो रहे हमलों को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारत का इस विवाद में क्या रुख है?
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए प्रयासों का समर्थन किया।
राष्ट्र प्रेस
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