29 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

डॉ. एस जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अराघची के बीच फोन पर ब्रिक्स मुद्दों पर गहन चर्चा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
डॉ. एस जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अराघची के बीच फोन पर ब्रिक्स मुद्दों पर गहन चर्चा

सारांश

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच फोन वार्ता में ब्रिक्स से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। यह बातचीत मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच हुई, जिससे दोनों देशों के संबंधों पर असर पड़ सकता है।

मुख्य बातें

एस जयशंकर और अब्बास अराघची के बीच फोन वार्ता हुई।
ब्रिक्स से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई।
ईरान में चल रहे संघर्ष के बीच द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने का प्रयास।
ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों की निंदा पर जोर दिया गया।
ईरान और भारत दोनों ब्रिक्स के सदस्य हैं।

नई दिल्ली, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान द्वारा मिडिल ईस्ट में जारी हमलों के बीच, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ फोन पर बातचीत की। विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि दोनों नेताओं ने ब्रिक्स से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर, विदेश मंत्री जयशंकर ने लिखा, "कल रात मैंने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ एक और संवाद किया। हम ने द्विपक्षीय मामलों के साथ-साथ ब्रिक्स से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की।"

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, अराघची ने भारतीय समकक्ष से फोन पर चल रहे युद्ध और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय फोरम को ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों की निंदा करनी चाहिए। उन्होंने ब्रिक्स की भूमिका और स्थिति के महत्व पर जोर दिया, जिसमें यह संगठन क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा को समर्थन देने में सहायक हो सकता है।

वहीं, भारत के विदेश मंत्री ने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए अपने देश की तत्परता जताई और कहा कि इस क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करने के तरीकों की तलाश करना महत्वपूर्ण है।

ध्यान देने योग्य है कि ईरान और भारत दोनों ब्रिक्स के सदस्य हैं, जो क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता को बढ़ाने में मदद करते हैं। आईआरएनए ने बताया कि विदेश मंत्री जयशंकर ने उम्मीद जताई कि दोनों देश आपसी संबंधों को और मजबूत कर सकते हैं।

ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, आईआरजीसी के पुलिस कमांड ने चार व्यक्तियों को ब्रिटेन के फारसी चैनल ईरान इंटरनेशनल को संवेदनशील जानकारी देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। तस्नीम ने चैनल को ईरान विरोधी नेटवर्क बताया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि गिरफ्तार किए गए लोगों के फोन में "मिसाइल के प्रभाव और बमबारी की जगहों के बारे में गोपनीय जानकारी थी, जिसे उन्होंने इस नेटवर्क को भेजा था।"

आईआरएनए की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की रेड क्रिसेंट सोसायटी के प्रमुख ने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में २४,५३१ नागरिक इकाइयों को नुकसान पहुंचा है, जिनमें १९,७७५ आवासीय इकाइयां शामिल हैं। इसके अलावा, ४,५११ व्यावसायिक इकाइयों को भी नुकसान हुआ है, जिससे वहां के निवासियों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है।

हमले में ६९ स्कूलों को नुकसान पहुंचा है और १९५ शिक्षक और छात्र घायल हुए हैं। १६ रेड क्रिसेंट सेंटर्स भी प्रभावित हुए हैं, साथ ही २१ बचाव और राहत वाहन और १९ एम्बुलेंस भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण हो सकता है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. एस जयशंकर और अब्बास अराघची के बीच फोन वार्ता का मुख्य उद्देश्य क्या था?
फोन वार्ता का मुख्य उद्देश्य ब्रिक्स से संबंधित मुद्दों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा करना था।
क्या ईरान और भारत ब्रिक्स के सदस्य हैं?
हाँ, ईरान और भारत दोनों ब्रिक्स के सदस्य हैं।
ईरान में हाल के हमलों का क्या असर हुआ है?
हाल के हमलों में कई सिविलियन इकाइयों को नुकसान पहुँचा है, जिससे आर्थिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 1 साल पहले