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11 जुलाई 2026 पंचांग: अभिजित मुहूर्त सुबह 11:37 बजे, राहुकाल और दिशाशूल की पूरी जानकारी

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11 जुलाई 2026 पंचांग: अभिजित मुहूर्त सुबह 11:37 बजे, राहुकाल और दिशाशूल की पूरी जानकारी

सारांश

11 जुलाई 2026 शनिवार को आषाढ़ कृष्ण एकादशी और द्वादशी का संयोग है। अभिजित मुहूर्त सुबह 11:37 से दोपहर 12:31 बजे तक शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम है, जबकि राहुकाल सुबह 8:40 से 10:22 बजे तक और पूर्व दिशा में दिशाशूल से सावधान रहें।

मुख्य बातें

एकादशी तिथि सुबह 5:23 बजे तक, इसके बाद द्वादशी तिथि रात 2:04 बजे तक।
सूर्योदय 5:16 बजे , सूर्यास्त 6:53 बजे ; सूर्य मिथुन व चंद्रमा वृष राशि में।
अभिजित मुहूर्त — शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम समय — सुबह 11:37 से दोपहर 12:31 बजे तक।
राहुकाल सुबह 8:40 से 10:22 बजे ; गुलिक काल 5:16–6:58 बजे ; यमघण्टकाल 1:46–3:28 बजे ।
कृत्तिका नक्षत्र सुबह 11:04 बजे तक; गंड योग रात 12:06 बजे तक।
शनिवार को पूर्व दिशा में दिशाशूल — उस दिशा में यात्रा से बचने की सलाह।

हिंदू पंचांग के अनुसार 11 जुलाई 2026 (शनिवार) को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि सुबह 5:23 बजे तक रहेगी, जिसके बाद द्वादशी तिथि का आरंभ होगा जो रात 2:04 बजे तक प्रभावी रहेगी। जो श्रद्धालु इस दिन कोई शुभ कार्य आरंभ करना चाहते हैं, उनके लिए अभिजित मुहूर्त और राहुकाल का समय जानना अत्यंत आवश्यक है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय

इस दिन सूर्योदय सुबह 5:16 बजे और सूर्यास्त शाम 6:53 बजे होगा। चंद्रोदय रात 1:34 बजे और चंद्रास्त दोपहर 3:53 बजे होगा। ग्रह-स्थिति की दृष्टि से इस दिन सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा वृष राशि में स्थित रहेंगे।

नक्षत्र, योग और करण

पंचांग के अनुसार, कृत्तिका नक्षत्र सुबह 11:04 बजे तक रहेगा, इसके पश्चात नक्षत्र परिवर्तन होगा। गंड योग रात 12:06 बजे तक प्रभावी रहेगा, जबकि बालव करण सुबह 5:22 बजे तक रहेगा। इन तत्वों का संयोग किसी भी शुभ कार्य की योजना बनाते समय ध्यान में रखा जाता है।

अभिजित मुहूर्त और शुभ समय

यदि आप 11 जुलाई को कोई महत्वपूर्ण कार्य — जैसे विवाह, गृहप्रवेश, नामकरण, मुंडन, नया व्यापार या यात्रा — आरंभ करने की योजना बना रहे हैं, तो अभिजित मुहूर्त सुबह 11:37 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक का समय सर्वाधिक अनुकूल माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह मुहूर्त दिन का सबसे शक्तिशाली शुभ काल होता है।

राहुकाल, गुलिक काल और यमघण्टकाल

शनिवार को राहुकाल सुबह 8:40 बजे से 10:22 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि इस अवधि में नए कार्यों का शुभारंभ वर्जित माना जाता है। इसके अतिरिक्त गुलिक काल सुबह 5:16 बजे से 6:58 बजे तक और यमघण्टकाल दोपहर 1:46 बजे से 3:28 बजे तक रहेगा — इन तीनों अशुभ कालों में महत्वपूर्ण निर्णय टालने की परंपरा है।

दिशाशूल और यात्रा संबंधी सावधानी

शनिवार को पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूर्व दिशा की ओर यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि अपरिहार्य कारणों से यात्रा करनी पड़े, तो पारंपरिक उपाय अपनाकर यात्रा आरंभ करने की परंपरा प्रचलित है। कुल मिलाकर, 11 जुलाई 2026 के पंचांग में अभिजित मुहूर्त का सदुपयोग करते हुए राहुकाल और अन्य अशुभ कालों से बचकर दिन की योजना बनाना लाभकारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि लाखों भारतीय परिवार आज भी विवाह से लेकर व्यापार तक के निर्णय शुभ मुहूर्त देखकर लेते हैं। यह परंपरा केवल आस्था नहीं, बल्कि सामाजिक जीवन की लय है। राष्ट्र प्रेस की जिम्मेदारी है कि यह जानकारी सटीक, समयबद्ध और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत हो ताकि पाठक बिना भ्रम के अपना दिन नियोजित कर सकें।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

11 जुलाई 2026 को अभिजित मुहूर्त कितने बजे है?
11 जुलाई 2026 को अभिजित मुहूर्त सुबह 11:37 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ काल माना जाता है और इसमें विवाह, गृहप्रवेश, नया व्यापार जैसे कार्य आरंभ किए जा सकते हैं।
11 जुलाई 2026 को राहुकाल कब से कब तक है?
शनिवार 11 जुलाई 2026 को राहुकाल सुबह 8:40 बजे से 10:22 बजे तक रहेगा। पंचांग मान्यता के अनुसार इस अवधि में कोई भी नया या शुभ कार्य आरंभ नहीं करना चाहिए।
11 जुलाई 2026 को कौन-सी तिथि है?
11 जुलाई 2026 को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि सुबह 5:23 बजे तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि का आरंभ होगा जो रात 2:04 बजे तक प्रभावी रहेगी।
11 जुलाई 2026 को दिशाशूल किस दिशा में है?
शनिवार को पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूर्व दिशा में यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है, और यदि यात्रा अनिवार्य हो तो उचित परंपरागत उपाय करने की परंपरा है।
11 जुलाई 2026 को कौन-सा नक्षत्र और योग है?
इस दिन कृत्तिका नक्षत्र सुबह 11:04 बजे तक रहेगा, जिसके बाद नक्षत्र परिवर्तन होगा। गंड योग रात 12:06 बजे तक प्रभावी रहेगा और बालव करण सुबह 5:22 बजे तक रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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