2 जुलाई 2026 पंचांग: अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:04–12:57, विष्णु-सूर्य पूजा का विशेष दिन
सारांश
मुख्य बातें
2 जुलाई 2026 (गुरुवार) को हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 9:38 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात तृतीया तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आषाढ़ मास को भगवान श्री हरि विष्णु और सूर्य देव को समर्पित माना जाता है, इसलिए इस दिन इन देवताओं की उपासना विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है।
शुभ मुहूर्त एवं अमृत काल
इस दिन का सर्वाधिक शुभ समय अभिजित मुहूर्त है, जो दोपहर 12:04 बजे से 12:57 बजे तक रहेगा। पंचांग शास्त्र में अभिजित मुहूर्त को दिन का सबसे पवित्र और शक्तिशाली काल माना जाता है — इस अवधि में राहुकाल या किसी अन्य अशुभ समय की बाधा के बिना कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा-अनुष्ठान या व्यापारिक गतिविधि आरंभ की जा सकती है।
इसके अतिरिक्त, अमृत काल गुरुवार की रात 12:21 बजे से अगली सुबह 2:06 बजे तक रहेगा, जबकि ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:13 से 5:01 बजे तक रहेगा।
सूर्योदय, सूर्यास्त एवं चंद्र गणना
2 जुलाई को सूर्योदय सुबह 5:49 बजे और सूर्यास्त शाम 7:12 बजे होगा। चन्द्रोदय रात 9:11 बजे और चन्द्रास्त सुबह 8:26 बजे होगा।
नक्षत्र एवं ग्रह स्थिति
पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में स्थित रहेंगे, जिनके स्वामी राहु हैं। चंद्रमा उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में गोचर करेंगे और बाद में श्रवण नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। राशि की दृष्टि से सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा मकर राशि में विराजमान रहेंगे।
योग एवं अशुभ काल
2 जुलाई को वैधृति योग सुबह 11:09 बजे तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद विषकुंभ योग लागू हो जाएगा। हर्षण योग इस दिन प्रभावी नहीं रहेगा।
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, निम्नलिखित अशुभ काल में नए कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए — राहुकाल दोपहर 2:10 से 3:54 बजे, गुलिक काल सुबह 8:57 से 10:41 बजे, और यमगंड सुबह 5:28 से 7:12 बजे तक रहेगा।
दिशाशूल एवं यात्रा सावधानी
इस दिन दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष एवं वास्तु परंपरा के अनुसार गुरुवार को दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचना उचित माना जाता है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो ज्योतिषीय उपायों का पालन करने की सलाह दी जाती है। गौरतलब है कि पंचांग आधारित ये मान्यताएँ सदियों पुरानी हिंदू काल-गणना पद्धति पर आधारित हैं, जिसमें सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को ध्यान में रखा जाता है।