8 जुलाई 2026 पंचांग: अभिजित मुहूर्त सुबह 11:59 से 12:55 बजे तक, जानें राहुकाल और शुभ समय
सारांश
मुख्य बातें
हिंदू पंचांग के अनुसार 8 जुलाई 2026 (बुधवार) को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि दोपहर 12:21 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके पश्चात नवमी तिथि का आरंभ होगा। इस दिन का सबसे शुभ समय अभिजित मुहूर्त सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:55 बजे तक रहेगा। पंचांग हिंदू काल-गणना की वह पारंपरिक पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की खगोलीय स्थिति पर आधारित होती है और शुभ कार्यों, यात्रा, निवेश तथा पूजा-पाठ के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र समय
बुधवार को सूर्योदय सुबह 5:51 बजे और सूर्यास्त शाम 7:12 बजे होगा। चन्द्रोदय रात 12:35 बजे और चन्द्रास्त दोपहर 1:00 बजे निर्धारित है। ग्रहों की स्थिति के अनुसार सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा मीन राशि में गोचर करेंगे।
नक्षत्र और योग की स्थिति
इस दिन सूर्य पुनर्वसु नक्षत्र में स्थित रहेगा। चंद्रमा दोपहर 4 बजे तक रेवती नक्षत्र में रहेगा, जिसके बाद अश्विनी नक्षत्र में प्रवेश करेगा। योग की दृष्टि से सुबह 8:07 बजे तक हर्षण योग प्रभावी रहेगा, इसके पश्चात वज्र योग लगेगा। पंचांग के अनुसार इस दिन अतिगंड योग भी रहेगा।
शुभ मुहूर्त और अमृत काल
अभिजित मुहूर्त सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:55 बजे तक रहेगा — यह दिन का सर्वाधिक शुभ समय माना जाता है, जिसमें किसी भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या व्यापार का शुभारंभ बिना किसी अन्य अशुभ समय की चिंता किए किया जा सकता है। अमृत काल दोपहर 1:37 बजे से 3:11 बजे तक रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:15 बजे से 5:03 बजे तक प्रभावी रहेगा, जो ध्यान और साधना के लिए अनुकूल समय है।
अशुभ काल — राहुकाल, गुलिक और यमगंड
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए कार्यों का आरंभ वर्जित माना जाता है। राहुकाल दोपहर 12:26 बजे से 2:10 बजे तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 11:56 बजे से दोपहर 1:12 बजे तक और यमगंड काल सुबह 7:14 बजे से 8:59 बजे तक प्रभावी रहेगा।
दिशाशूल और यात्रा संबंधी सावधानी
8 जुलाई 2026 को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु परंपरा के अनुसार इस दिन उत्तर दिशा में यात्रा से यथासंभव बचना चाहिए। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो ज्योतिषीय उपायों का पालन करने की सलाह दी जाती है। इस प्रकार पंचांग का समग्र अध्ययन दिनभर के कार्यों को सुनियोजित और फलदायी बनाने में सहायक सिद्ध होता है।