5 जुलाई 2026 पंचांग: अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:46 से 12:35 बजे तक, सूर्य पूजा और नाग पूजा का दिन
सारांश
मुख्य बातें
रविवार, 5 जुलाई 2026 को हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि दोपहर 1:31 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके पश्चात षष्ठी तिथि आरंभ होगी। यह दिन भगवान सूर्य को समर्पित है, इसलिए सूर्य पूजा सर्वोत्तम मानी गई है। पंचांग के अनुसार इस दिन नाग पूजा भी अत्यंत शुभ फलदायी रहेगी।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय
5 जुलाई 2026 को सूर्योदय सुबह 5:50 बजे और सूर्यास्त शाम 7:12 बजे होगा। चंद्रोदय रात 10:52 बजे और चंद्रास्त सुबह 11:07 बजे होगा। ग्रह स्थिति की दृष्टि से सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा मीन राशि में गोचर करेंगे।
शुभ मुहूर्त और अमृत काल
दिन का सर्वाधिक शुभ समय अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:46 बजे से 12:35 बजे तक रहेगा। इस अवधि में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा-अर्चना या व्यापारिक निर्णय बिना किसी अशुभ समय की चिंता किए लिया जा सकता है। इसके अतिरिक्त अमृत काल सुबह 7:32 बजे से 9:14 बजे तक रहेगा, जो भी शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:14 बजे से 5:02 बजे तक रहेगा — यह ध्यान, साधना और पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है।
योग और नक्षत्र की स्थिति
पंचांग के अनुसार 5 जुलाई 2026 को आयुष्मान योग सुबह 4:10 बजे तक प्रभावी रहेगा, उसके बाद सौभाग्य योग लागू होगा। इस दिन हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा। नक्षत्र की दृष्टि से सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में स्थित रहेंगे, जिनके स्वामी राहु हैं, जबकि चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र में गोचर करेंगे।
अशुभ काल — राहुकाल, गुलिक और यमगंड
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए कार्य आरंभ करने से बचना उचित माना जाता है। राहुकाल शाम 5:32 बजे से 7:12 बजे तक, गुलिक काल दोपहर 3:41 बजे से 5:25 बजे तक और यमगंड काल दोपहर 12:31 बजे से 2:11 बजे तक रहेगा। इन अवधियों में महत्वपूर्ण निर्णय, यात्रा या नए उपक्रम टालना श्रेयस्कर माना जाता है।
दिशाशूल और यात्रा सावधानी
5 जुलाई 2026 (रविवार) को पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार इस दिन पश्चिम दिशा में यात्रा से बचना चाहिए। यदि यात्रा अपरिहार्य हो, तो ज्योतिषीय उपायों का पालन करने की सलाह दी जाती है। आने वाले सप्ताह के पंचांग और मुहूर्त के लिए नियमित रूप से पंचांग का अवलोकन करते रहें।