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15 जुलाई 2026 पंचांग: आषाढ़ गुप्त नवरात्र प्रतिपदा आज, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00–12:55 बजे

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15 जुलाई 2026 पंचांग: आषाढ़ गुप्त नवरात्र प्रतिपदा आज, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00–12:55 बजे

सारांश

15 जुलाई 2026 को आषाढ़ गुप्त नवरात्र का पहला दिन है — मां दुर्गा और दस महाविद्याओं की साधना का विशेष अवसर। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00–12:55 बजे, राहुकाल 12:27–2:10 बजे और उत्तर दिशा में दिशाशूल — जानें पूरा पंचांग।

मुख्य बातें

15 जुलाई 2026 (बुधवार) को आषाढ़ गुप्त नवरात्र प्रतिपदा — मां दुर्गा व दस महाविद्याओं की पूजा का शुभ दिन।
प्रतिपदा तिथि सुबह 11:51 बजे तक; इसके बाद द्वितीया आरंभ।
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:55 बजे — दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय।
राहुकाल दोपहर 12:27–2:10 बजे ; यमगंड काल सुबह 7:17–9:01 बजे ; गुलिक काल 10:44–12:28 बजे — इन अवधियों में नए कार्य वर्जित।
सूर्य पुनर्वसु नक्षत्र में, चंद्रमा पुष्य नक्षत्र में; हर्षण योग सुबह 8:03 बजे तक, फिर वज्र योग ।
उत्तर दिशा में दिशाशूल — उस दिशा में यात्रा से बचने की सलाह।

हिंदू पंचांग के अनुसार 15 जुलाई 2026 (बुधवार) को आषाढ़ गुप्त नवरात्र का पहला दिन — प्रतिपदा तिथि — मनाया जा रहा है। यह तिथि सुबह 11:51 बजे तक प्रभावी रहेगी, इसके पश्चात द्वितीया तिथि आरंभ होगी। यह दिन मां दुर्गा और दस महाविद्याओं की पूजा, गुप्त सिद्धियों की साधना और मंत्र-जप के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

तिथि, नक्षत्र और ग्रह स्थिति

पंचांग के अनुसार 15 जुलाई 2026 को सूर्य पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर करेंगे। चंद्रमा पुष्य नक्षत्र में संचार करेगा, जो अगले दिन दोपहर 12:09 बजे तक रहेगा। सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा कर्क राशि में विराजमान रहेंगे। सूर्योदय प्रातः 5:54 बजे और सूर्यास्त सायं 7:11 बजे होगा। चंद्रोदय सुबह 6:32 बजे तथा चंद्रास्त रात 8:19 बजे होगा।

शुभ मुहूर्त: अभिजीत का समय

बुधवार को दिन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त — अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:00 बजे से 12:55 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या व्यापारिक निर्णय बिना राहुकाल की चिंता किए आरंभ किया जा सकता है। इस दिन हर्षण योग सुबह 8:03 बजे तक प्रभावी रहेगा, तत्पश्चात वज्र योग आरंभ होगा।

अशुभ काल: राहुकाल और अन्य

ज्योतिषीय परंपराओं के अनुसार 15 जुलाई को निम्न समय नए कार्यों के लिए वर्जित माने जाते हैं:

राहुकाल: दोपहर 12:27 बजे से 2:10 बजे तक। गुलिक काल: सुबह 10:44 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक। यमगंड काल: सुबह 7:17 बजे से 9:01 बजे तक। इन अवधियों में नए उपक्रम, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय टालने की सलाह दी जाती है।

दिशाशूल और यात्रा सावधानी

15 जुलाई 2026 को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु परंपराओं के अनुसार इस दिन उत्तर दिशा में यात्रा से बचना उचित माना जाता है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो विशेष ज्योतिषीय उपायों के साथ प्रस्थान किया जा सकता है।

आषाढ़ गुप्त नवरात्र का महत्व

आषाढ़ गुप्त नवरात्र वर्ष में आने वाले चार नवरात्रों में से एक है और इसे तांत्रिक साधना, मंत्र सिद्धि तथा गुप्त विद्याओं के अभ्यास के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। प्रतिपदा से आरंभ होकर यह पर्व नौ दिनों तक दस महाविद्याओं की क्रमशः उपासना के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान की गई साधना का फल कई गुना अधिक होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विशेषकर पर्व और नवरात्र के अवसर पर — यह गुप्त नवरात्र प्रतिपदा का संयोग उस खोज को और तीव्र करता है। हालांकि ये तिथियाँ और मुहूर्त पारंपरिक पंचांग गणना पर आधारित हैं, पाठकों को किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय के लिए अपने स्थानीय पंडित या प्रामाणिक पंचांग से भी पुष्टि करनी चाहिए। धार्मिक आस्था और व्यावहारिक जीवन के बीच यह सेतु ही हिंदी पंचांग पत्रकारिता की प्रासंगिकता को बनाए रखता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

15 जुलाई 2026 को कौन-सी तिथि है?
15 जुलाई 2026 (बुधवार) को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है, जो सुबह 11:51 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद द्वितीया तिथि आरंभ हो जाएगी।
आषाढ़ गुप्त नवरात्र 2026 कब से शुरू हो रहा है?
आषाढ़ गुप्त नवरात्र 2026 का पहला दिन (प्रतिपदा) 15 जुलाई 2026 बुधवार को है। यह पर्व मां दुर्गा और दस महाविद्याओं की गुप्त साधना के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।
15 जुलाई 2026 को अभिजीत मुहूर्त कितने बजे है?
15 जुलाई 2026 को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:55 बजे तक रहेगा। यह दिन का सर्वाधिक शुभ समय माना जाता है, जिसमें कोई भी महत्वपूर्ण कार्य या पूजा आरंभ की जा सकती है।
15 जुलाई 2026 को राहुकाल का समय क्या है?
15 जुलाई 2026 (बुधवार) को राहुकाल दोपहर 12:27 बजे से 2:10 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त गुलिक काल सुबह 10:44–12:28 बजे और यमगंड काल सुबह 7:17–9:01 बजे रहेगा — इन तीनों अवधियों में नए कार्य न करने की परंपरागत सलाह है।
15 जुलाई 2026 को कौन-सा नक्षत्र और योग है?
15 जुलाई 2026 को सूर्य पुनर्वसु नक्षत्र में और चंद्रमा पुष्य नक्षत्र में रहेगा। योग की दृष्टि से सुबह 8:03 बजे तक हर्षण योग रहेगा, इसके बाद वज्र योग प्रभावी होगा।
राष्ट्र प्रेस
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