10 जून 2026 पंचांग: दशमी तिथि, रेवती नक्षत्र और सौभाग्य योग — जानिए राहुकाल व शुभ मुहूर्त
सारांश
मुख्य बातें
पंचांग के अनुसार 10 जून 2026 (बुधवार) को ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी, जो 11 जून की रात 12 बजकर 58 मिनट तक प्रभावी रहेगी। इस दिन रेवती नक्षत्र और सौभाग्य योग का संयोग धार्मिक एवं ज्योतिषीय दृष्टि से इस दिन को उल्लेखनीय बनाता है। शुभ कार्यों, पूजा-पाठ और यात्रा की योजना बनाने वालों के लिए नीचे दिए गए समय विशेष रूप से ध्यान देने योग्य हैं।
तिथि और नक्षत्र की स्थिति
दशमी तिथि का प्रभाव 10 जून के पूरे दिन बना रहेगा और अगले दिन 11 जून की रात 12 बजकर 58 मिनट पर समाप्त होकर एकादशी तिथि आरंभ होगी। नक्षत्र की दृष्टि से सुबह 9 बजकर 21 मिनट तक उत्तरभाद्रपदा नक्षत्र रहेगा, जिसके पश्चात रेवती नक्षत्र प्रारंभ होगा। ज्योतिष शास्त्र में रेवती नक्षत्र को शुभ एवं मंगलकारी माना गया है और इसे धार्मिक अनुष्ठानों तथा शुभ कार्यों के लिए अनुकूल बताया जाता है।
योग और चंद्र-सूर्य की स्थिति
दिन की शुरुआत आयुष्मान योग के साथ होगी, जो सुबह 6 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। इसके बाद सौभाग्य योग आरंभ होगा, जिसे ज्योतिष में शुभ फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस योग में किए गए कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना रहती है।
चंद्रमा इस दिन पूरे समय मीन राशि में स्थित रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मीन राशि में चंद्रमा की उपस्थिति मन को शांत रखने और आध्यात्मिक चिंतन को प्रोत्साहित करने वाली मानी जाती है। वहीं सूर्य वृषभ राशि में विराजमान रहेंगे।
सूर्योदय, सूर्यास्त और प्रमुख शुभ मुहूर्त
सूर्योदय सुबह 5 बजकर 44 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 8 मिनट पर। चंद्रोदय रात 1 बजकर 24 मिनट और चंद्रास्त दोपहर 2 बजकर 11 मिनट पर होगा।
प्रातःकाल पूजा-पाठ करने वालों के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 8 मिनट से 4 बजकर 56 मिनट तक रहेगा। अमृत काल सुबह 4 बजकर 35 मिनट से 6 बजकर 10 मिनट तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
राहुकाल और अशुभ समय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल दोपहर 12 बजकर 26 मिनट से 2 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में नए एवं महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने से बचने की सलाह दी जाती है।
इसके अतिरिक्त यमगंड काल सुबह 7 बजकर 25 मिनट से 9 बजकर 5 मिनट तक, कुलिक काल सुबह 10 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक और दुर्मुहूर्त सुबह 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। मान्यता है कि इन कालखंडों में महत्वपूर्ण निर्णय और नए कार्यों की शुरुआत टालना उचित रहता है।
दिन का सारांश और सुझाव
कुल मिलाकर 10 जून 2026 का दिन रेवती नक्षत्र और सौभाग्य योग की उपस्थिति के कारण धार्मिक कार्यों के लिए अनुकूल रहेगा। राहुकाल और दुर्मुहूर्त से बचते हुए ब्रह्म मुहूर्त व अमृत काल में पूजा-पाठ और शुभ कार्यों की योजना बनाई जा सकती है। आने वाले दिनों के पंचांग के लिए राष्ट्र प्रेस से जुड़े रहें।