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9 जून 2026 का पंचांग: राहुकाल दोपहर 3:46 से, मीन राशि में चंद्रमा; जानें शुभ मुहूर्त

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9 जून 2026 का पंचांग: राहुकाल दोपहर 3:46 से, मीन राशि में चंद्रमा; जानें शुभ मुहूर्त

सारांश

9 जून 2026 को कृष्ण पक्ष नवमी और मीन राशि में चंद्रमा का संयोग शांत चिंतन का संकेत देता है। राहुकाल दोपहर 3:46 से 5:27 बजे तक नए कार्यों के लिए वर्जित है, जबकि अभिजीत मुहूर्त 11:59 से 12:52 बजे तक सर्वाधिक शुभ रहेगा।

मुख्य बातें

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि सुबह से रात 2:35 बजे तक, इसके बाद दशमी प्रारंभ।
चंद्रमा पूरे दिन मीन राशि में; सूर्य वृषभ राशि में रहेगा।
पूर्वाभाद्रपदा नक्षत्र सुबह 9:39 बजे तक, फिर उत्तराभाद्रपदा नक्षत्र।
राहुकाल दोपहर 3:46 बजे से शाम 5:27 बजे — इस दौरान नया कार्य न शुरू करें।
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:59 से 12:52 बजे — दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय।
सूर्योदय 5:44 बजे , सूर्यास्त 7:07 बजे ; आयुष्मान योग सुबह 8:18 बजे से प्रभावी।

वैदिक ज्योतिष परंपरा के अनुसार 9 जून 2026 का दिन धार्मिक और ग्रहीय दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा। इस दिन कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि प्रभावी रहेगी और चंद्रमा पूरे दिन मीन राशि में स्थित रहेगा, जो शांत चिंतन और विवेकपूर्ण निर्णय लेने का संकेत माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह दिन जल्दबाजी में कोई नया कार्य शुरू करने के लिए अनुकूल नहीं है।

तिथि और नक्षत्र

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि सुबह से प्रारंभ होकर रात 2:35 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद दशमी तिथि आरंभ होगी। नवमी को शक्ति और साधना से जुड़ा माना जाता है, जबकि दशमी नए कार्यों के शुभारंभ का संकेत देती है।

नक्षत्र की दृष्टि से सुबह 9:39 बजे तक पूर्वाभाद्रपदा नक्षत्र रहेगा। इसके बाद उत्तराभाद्रपदा नक्षत्र प्रारंभ होगा, जो शांत स्वभाव और गहन चिंतन से जुड़ा माना जाता है। इसलिए ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह दिन सोच-समझकर निर्णय लेने के लिए अनुकूल है।

योग और करण

इस दिन सुबह 8:18 बजे तक प्रीति योग रहेगा, जिसके बाद आयुष्मान योग शुरू होगा। आयुष्मान योग को शुभ तथा स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। करणों के क्रम में पहले तैतिल, फिर गर और उसके बाद वणिज करण रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ये करण कार्यों की गति और उनके परिणामों को प्रभावित करते हैं।

राहुकाल और अशुभ काल

राहुकाल दोपहर 3:46 बजे से शाम 5:27 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय परंपरा में इस अवधि के दौरान कोई नया या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करना अशुभ माना जाता है। इसके अतिरिक्त यमगंड और कुलिक काल में भी सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

शुभ मुहूर्त

दिन का सबसे शुभ समय अभिजीत मुहूर्त रहेगा, जो दोपहर 11:59 बजे से 12:52 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस समय आरंभ किए गए कार्यों के सफल होने की मान्यता है। इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त ध्यान, साधना और पूजा-पाठ के लिए उपयुक्त माना जाता है।

सूर्य-चंद्र स्थिति

सूर्योदय सुबह 5:44 बजे और सूर्यास्त शाम 7:07 बजे होगा। चंद्रोदय रात 12:51 बजे और चंद्रास्त दोपहर 1:13 बजे होगा। सूर्य वृषभ राशि में रहेगा, जबकि चंद्रमा पूरे दिन मीन राशि में स्थित रहेगा। इस ग्रहीय स्थिति के साथ दिन की शुरुआत सकारात्मक सोच और संयमित कदमों के साथ करना लाभदायक माना जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इन्हें सटीक समय और तथ्यों के साथ प्रस्तुत करना ज़रूरी है ताकि पाठक गलत जानकारी के आधार पर निर्णय न लें। राहुकाल और शुभ मुहूर्त की सटीक जानकारी धार्मिक आस्था रखने वाले लाखों लोगों की दिनचर्या को प्रभावित करती है। इस तरह की सामग्री में ज्योतिषीय दावों को 'मान्यता के अनुसार' या 'परंपरा के अनुसार' जैसे हेजिंग वाक्यांशों के साथ प्रस्तुत करना पत्रकारीय जिम्मेदारी है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

9 जून 2026 को राहुकाल कब से कब तक है?
9 जून 2026 को राहुकाल दोपहर 3:46 बजे से शाम 5:27 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में कोई नया या महत्वपूर्ण कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।
9 जून 2026 का शुभ मुहूर्त कौन सा है?
9 जून 2026 को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:59 बजे से 12:52 बजे तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त ध्यान और पूजा-पाठ के लिए उपयुक्त है।
9 जून 2026 को चंद्रमा किस राशि में रहेगा?
9 जून 2026 को चंद्रमा पूरे दिन मीन राशि में रहेगा। ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार यह स्थिति शांत रहने और सोच-समझकर निर्णय लेने का संकेत देती है।
9 जून 2026 को कौन सी तिथि है?
9 जून 2026 को कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि सुबह से रात 2:35 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद दशमी तिथि शुरू होगी। नवमी को शक्ति और साधना से जुड़ा माना जाता है।
9 जून 2026 को कौन सा नक्षत्र रहेगा?
सुबह 9:39 बजे तक पूर्वाभाद्रपदा नक्षत्र रहेगा, इसके बाद उत्तराभाद्रपदा नक्षत्र प्रारंभ होगा। उत्तराभाद्रपदा नक्षत्र शांत स्वभाव और गहन चिंतन से जुड़ा माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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