27 मार्च 2026 का पंचांग: नवमी और दशमी तिथि का अनूठा संयोग, जानें शुभ कार्यों का सही समय

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27 मार्च 2026 का पंचांग: नवमी और दशमी तिथि का अनूठा संयोग, जानें शुभ कार्यों का सही समय

सारांश

जानें 27 मार्च 2026 के पंचांग की विशेषताएँ, जिसमें नवमी और दशमी तिथि का अद्भुत संयोग है। इस दिन शुभ कार्यों के लिए अनुकूल समय और अशुभ समय की जानकारी भी प्राप्त करें।

Key Takeaways

  • नवमी और दशमी तिथि का संयोग विशेष है।
  • शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें।
  • अशुभ समय से बचें।
  • नक्षत्रों की स्थिति का महत्व है।
  • योग का प्रभाव कार्यों पर पड़ता है।

नई दिल्ली, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हिंदू धर्म में पंचांग का अत्यधिक महत्व है। किसी भी दिन का आरंभ करने से पहले तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ समय का अवलोकन करना परंपरा के अनुसार आवश्यक माना जाता है। अगर हम 27 मार्च के पंचांग पर चर्चा करें, तो यह चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी और दशमी तिथि के विशेष संयोग के साथ आएगा।

पंचांग के अनुसार, शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि सुबह 10:07 बजे तक बनी रहेगी, जिसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ होगी। नक्षत्रों की स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है, जिसमें पुनर्वसु नक्षत्र दोपहर 3:24 बजे तक रहेगा, इसके बाद पुष्य नक्षत्र आ जाएगा। ज्योतिष में, पुष्य नक्षत्र को अत्यंत शुभ माना जाता है। इसलिए इस अवधि में किए गए कार्यों की सफलता की संभावना अधिक होती है।

योग की चर्चा करें तो अतिगण्ड योग रात 10:09 बजे तक रहेगा, इसके बाद सुकर्मा योग की शुरुआत होगी। सुकर्मा योग को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। वहीं करण में कौलव करण सुबह 10:07 बजे तक रहेगा। इसके बाद तैतिल करण रात 9:24 बजे तक और फिर गर करण प्रारंभ होगा। ये सभी योग और करण दिन के अलग-अलग समय में कार्यों के प्रभाव को प्रभावित करते हैं।

अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल सुबह 11:01 बजे से 12:32 बजे तक रहेगा, इस दौरान कोई भी शुभ कार्य न करना चाहिए। यमगण्ड काल दोपहर 3:34 बजे से 5:05 बजे तक रहेगा और गुलिक काल सुबह 7:59 बजे से 9:30 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त दुर्मुहूर्त सुबह 8:53 बजे से 9:42 बजे तक और दोपहर 12:56 बजे से 1:45 बजे तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं है।

इस दिन कुछ शुभ मुहूर्त भी हैं, जिनमें अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:07 बजे से 12:56 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, अमृत काल दोपहर 1:44 बजे से 3:16 बजे तक रहेगा, जो जरूरी कामों के लिए उत्तम समय है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:51 बजे से 5:39 बजे तक रहेगा, जो पूजा-पाठ के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।

Point of View

सही समय पर किए गए कार्यों की सफलता की संभावना बढ़ जाती है।
NationPress
26/03/2026

Frequently Asked Questions

27 मार्च 2026 को कौन सी तिथियाँ हैं?
इस दिन शुक्ल पक्ष की नवमी और दशमी तिथि का संयोग है।
इस दिन कौन से शुभ मुहूर्त हैं?
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:07 बजे से 12:56 बजे तक और अमृत काल 1:44 बजे से 3:16 बजे तक है।
अशुभ समय कब है?
राहुकाल सुबह 11:01 बजे से 12:32 बजे तक और यमगण्ड काल 3:34 बजे से 5:05 बजे तक है।
कौन सा नक्षत्र इस दिन रहेगा?
पुनर्वसु नक्षत्र सुबह से दोपहर 3:24 बजे तक रहेगा, उसके बाद पुष्य नक्षत्र आएगा।
योग की स्थिति क्या है?
इस दिन अतिगण्ड योग रात 10:09 बजे तक और सुकर्मा योग उसके बाद रहेगा।
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