9 जुलाई 2026 पंचांग: अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05–12:58 बजे, नए कार्य और खरीदारी के लिए शुभ दिन
सारांश
मुख्य बातें
9 जुलाई 2026 (गुरुवार) का दिन हिंदू पंचांग की दृष्टि से अत्यंत अनुकूल है। आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि सुबह 10:38 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात दशमी तिथि प्रारंभ होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन नए कार्य की शुरुआत, वाहन क्रय और संपत्ति खरीदने के लिए विशेष रूप से उत्तम माना गया है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र समय
इस दिन सूर्योदय सुबह 5:51 बजे और सूर्यास्त शाम 7:12 बजे होगा। चन्द्रोदय रात 12:35 बजे तथा चन्द्रास्त दोपहर 2:02 बजे निर्धारित है। ये समय दैनिक पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों की योजना बनाने में सहायक हैं।
शुभ मुहूर्त और अमृत काल
गुरुवार को दिन का सर्वाधिक शुभ समय अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:58 बजे तक रहेगा। पंचांग शास्त्र के अनुसार इस अवधि में राहुकाल या किसी अन्य अशुभ समय की चिंता किए बिना महत्वपूर्ण कार्य, व्यापारिक लेन-देन और पूजा-अर्चना आरंभ की जा सकती है। इसके अतिरिक्त अमृत काल सुबह 8:02 बजे से 9:34 बजे तक और ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:15 बजे से 5:03 बजे तक प्रभावी रहेगा।
नक्षत्र और ग्रह स्थिति
पंचांग के अनुसार 9 जुलाई 2026 को सूर्य पुनर्वसु नक्षत्र में स्थित रहेंगे। चंद्रमा दोपहर 2:55 बजे तक अश्विनी नक्षत्र में रहेगा, इसके पश्चात भरणी नक्षत्र में प्रवेश करेगा। राशि-गोचर की दृष्टि से सूर्य मिथुन राशि में गोचर करेंगे और वहाँ वक्री बुध के साथ उनकी युति बनी रहेगी, जबकि चंद्रमा मेष राशि में गोचर करेगा।
योग और अशुभ काल
इस दिन सुकर्मा योग सुबह 10:12 बजे तक रहेगा, तत्पश्चात धृति योग प्रारंभ होगा। हर्षण योग इस दिन प्रभावी नहीं रहेगा। अशुभ समयों में राहुकाल दोपहर 2:10 से 3:54 बजे, गुलिक काल सुबह 8:58 से 10:42 बजे और यमगंड काल सुबह 5:31 से 7:15 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में नए कार्य आरंभ करने से बचना उचित माना जाता है।
दिशाशूल और यात्रा परामर्श
9 जुलाई 2026 को पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु परंपरा के अनुसार इस दिन पश्चिम दिशा की यात्रा से बचना श्रेयस्कर है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो ज्योतिषीय उपायों का पालन करने की सलाह दी जाती है। कुल मिलाकर यह गुरुवार शुभ कार्यों, निवेश और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए एक अनुकूल दिन के रूप में सामने आता है।