सोना ₹1,44,978 पर फिसला, चांदी ₹2,29,305 पर; अमेरिका-ईरान तनाव से MCX में बिकवाली
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार, 8 जुलाई को सोने और चांदी दोनों में तेज बिकवाली देखी गई, जब अमेरिका द्वारा ईरान पर नए सैन्य हमलों और तेल निर्यात लाइसेंस रद्द किए जाने की खबरों ने बाज़ार की धारणा को कमज़ोर किया। सुबह 10 बजे तक सोना 0.28 प्रतिशत और चांदी 0.67 प्रतिशत तक लुढ़क चुकी थी।
MCX पर सोने का हाल
5 अगस्त 2026 के सोने के वायदा अनुबंध ने पिछली क्लोजिंग ₹1,45,392 प्रति 10 ग्राम के मुकाबले ₹192 की गिरावट के साथ ₹1,45,200 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार शुरू किया। सुबह 10 बजे तक यह और फिसलकर ₹1,44,978 प्रति 10 ग्राम पर आ गया — यानी ₹414 या 0.28 प्रतिशत की कमज़ोरी। इंट्राडे कारोबार में सोने ने ₹1,44,800 का निचला स्तर और ₹1,45,356 का ऊपरी स्तर छुआ।
चांदी ₹2.30 लाख के नीचे
4 सितंबर 2026 के चांदी के वायदा अनुबंध ने पिछली क्लोजिंग ₹2,30,857 प्रति किलो के मुकाबले ₹842 की गिरावट के साथ ₹2,30,015 प्रति किलो पर शुरुआत की। रिपोर्ट लिखे जाने तक यह ₹1,552 यानी 0.67 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ ₹2,29,305 प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी — मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण ₹2,30,000 के स्तर से नीचे।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी दबाव
वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं पर दबाव रहा। COMEX पर सोना 0.43 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ $4,139 प्रति औंस और चांदी 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ $61 प्रति औंस पर थी। गौरतलब है कि आमतौर पर भू-राजनीतिक संकट के समय सोना सुरक्षित निवेश के रूप में मज़बूत होता है, लेकिन इस बार बाज़ार ने उलटी प्रतिक्रिया दी — जो मध्य पूर्व संघर्ष की जटिलता को दर्शाती है।
अमेरिका-ईरान तनाव: गिरावट की असली वजह
अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान पर ये नए हमले हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़र रहे तीन तेल से लदे जहाजों पर ईरानी हमले के जवाब में किए गए। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान के तेल निर्यात लाइसेंस भी रद्द कर दिए, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव फिर से चरम पर पहुँच गया। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पहले से ही दबाव में है।
कच्चे तेल में उछाल
जहाँ सोने-चांदी में बिकवाली रही, वहीं कच्चे तेल की कीमतें उछलीं। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का भाव 2.5 प्रतिशत बढ़कर $76 प्रति बैरल से ऊपर और WTI क्रूड भी 2.5 प्रतिशत से अधिक की तेज़ी के साथ $72 प्रति बैरल से ऊपर निकल गया। यह संकेत देता है कि बाज़ार ने मध्य पूर्व तनाव को ऊर्जा आपूर्ति जोखिम के रूप में ज़्यादा आँका, न कि सुरक्षित निवेश के रूप में। आने वाले सत्रों में मध्य पूर्व की स्थिति और अमेरिकी नीतिगत संकेत सोने-चांदी की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएँगे।