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तिरुमाला मंदिर में घनश्याम तिवारी: 23 सदस्यीय संसदीय दल ने की विकसित भारत 2047 के लिए प्रार्थना

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तिरुमाला मंदिर में घनश्याम तिवारी: 23 सदस्यीय संसदीय दल ने की विकसित भारत 2047 के लिए प्रार्थना

सारांश

संसदीय आचार समिति के चेयरमैन घनश्याम तिवारी 23 सदस्यों के साथ तिरुमाला पहुँचे और भगवान वेंकटेश्वर से विकसित भारत 2047 के संकल्प की सिद्धि का आशीर्वाद माँगा। अभिनेत्री निधि अग्रवाल ने भी इसी दिन दर्शन किए।

मुख्य बातें

राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवारी 8 जुलाई को संसदीय आचार समिति के 23 सदस्यों के साथ तिरुमाला पहुँचे।
तिवारी ने भगवान वेंकटेश्वर और माता महालक्ष्मी पद्मा से देश की सुख, शांति, समृद्धि और विकसित भारत 2047 के संकल्प के लिए प्रार्थना की।
उन्होंने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की श्रद्धालु-सुविधाओं की सराहना की।
अभिनेत्री निधि अग्रवाल ने भी उसी दिन तिरुमाला मंदिर में दर्शन किए।

राज्यसभा सांसद और संसदीय आचार समिति के चेयरमैन घनश्याम तिवारी बुधवार, 8 जुलाई को समिति के 23 सदस्यों के साथ आंध्र प्रदेश के तिरुमाला स्थित प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर पहुँचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर और माता महालक्ष्मी पद्मा से देश की सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की तथा विकसित भारत 2047 के संकल्प की सिद्धि का आशीर्वाद माँगा।

दर्शन के बाद तिवारी का संबोधन

मंदिर में दर्शन के उपरांत मीडिया से बातचीत में घनश्याम तिवारी ने कहा कि उन्होंने समूचे भारत के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि देश ने अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए जिस प्रकार विकास की राह पकड़ी है, वह भगवान वेंकटेश्वर की कृपा का ही प्रतिफल है। तिवारी ने भगवान से विशेष रूप से यह आशीर्वाद माँगा कि भारत वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' बनने के अपने राष्ट्रीय संकल्प को सफलतापूर्वक साकार करे।

TTD की व्यवस्थाओं की सराहना

राज्यसभा सांसद ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के प्रबंधन की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएँ अत्यंत उत्कृष्ट हैं और इस स्तर का प्रबंधन देश के अन्य अनेक मंदिरों में देखने को नहीं मिलता। उन्होंने TTD को बेहतर इंतज़ाम के लिए धन्यवाद दिया।

अभिनेत्री निधि अग्रवाल भी पहुँचीं तिरुमाला

इसी दिन अभिनेत्री निधि अग्रवाल भी तिरुमाला मंदिर पहुँचीं और भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और मंगल कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय भीड़ देखी गई।

तिरुमाला मंदिर का महत्व

तिरुमाला श्री वेंकटेश्वर मंदिर भारत के सर्वाधिक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है, जहाँ प्रतिदिन हज़ारों श्रद्धालु बालाजी के दर्शन के लिए आते हैं। देश-विदेश के भक्तों की अटूट आस्था और मंदिर की समृद्ध धार्मिक परंपराएँ इसे एक विशिष्ट आध्यात्मिक केंद्र बनाती हैं। आने वाले दिनों में भी इस मंदिर में श्रद्धालुओं का आगमन निरंतर जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आचार समिति जैसे संस्थागत निकाय का सामूहिक धार्मिक दौरा राजनीति और आस्था के बीच की रेखा पर सवाल उठाता है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को धार्मिक प्रार्थना से जोड़ना एक राजनीतिक संदेश भी है — जो सरकार की विकास-कथा को आध्यात्मिक वैधता देने का प्रयास है। TTD की प्रशंसा ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब मंदिर प्रशासन और प्रसाद की गुणवत्ता को लेकर हाल के महीनों में विवाद रहे हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

घनश्याम तिवारी तिरुमाला मंदिर क्यों गए?
राज्यसभा सांसद और संसदीय आचार समिति के चेयरमैन घनश्याम तिवारी समिति के 23 सदस्यों के साथ भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन के लिए तिरुमाला पहुँचे। उन्होंने देश की सुख-समृद्धि और विकसित भारत 2047 के संकल्प की सिद्धि के लिए प्रार्थना की।
संसदीय आचार समिति के कितने सदस्य तिरुमाला गए?
घनश्याम तिवारी के नेतृत्व में संसदीय आचार समिति के कुल 23 सदस्य 8 जुलाई को तिरुमाला मंदिर पहुँचे।
घनश्याम तिवारी ने TTD के बारे में क्या कहा?
तिवारी ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की व्यवस्थाओं की प्रशंसा की और कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए गए इंतज़ाम देश के अन्य मंदिरों से बेहतर हैं। उन्होंने मंदिर प्रशासन को धन्यवाद दिया।
निधि अग्रवाल का तिरुमाला दर्शन कब हुआ?
अभिनेत्री निधि अग्रवाल ने भी 8 जुलाई को तिरुमाला मंदिर में भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की।
तिरुमाला श्री वेंकटेश्वर मंदिर का क्या महत्व है?
तिरुमाला श्री वेंकटेश्वर मंदिर भारत के सर्वाधिक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है। यहाँ प्रतिदिन हज़ारों श्रद्धालु देश-विदेश से बालाजी के दर्शन के लिए आते हैं और यह मंदिर अपनी समृद्ध धार्मिक परंपराओं के लिए विश्वविख्यात है।
राष्ट्र प्रेस
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