कलवकुंतला कविता ने तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर में किए दर्शन, भगवान का आशीर्वाद लिया
सारांश
Key Takeaways
- कलवकुंतला कविता ने तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर में दर्शन किए।
- उन्होंने सत्य की जीत का दावा किया।
- कविता की नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा।
- वह लोगों की सेवा करना चाहती हैं।
तिरुपति, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कलवकुंतला कविता, हाल ही में कोर्ट से राहत मिलने के बाद शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुमाला वेंकटेश्वर मंदिर पहुँचीं। यहाँ उन्होंने भगवान के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। कविता ने बताया कि वह विशेष रूप से भगवान का शुक्रिया अदा करने के लिए यहाँ आई हैं, क्योंकि पिछले कुछ साल उनके लिए बहुत कठिन रहे हैं।
कलवकुंतला कविता ने कहा कि पूरे देश ने देखा है कि पिछले चार वर्षों में उन्हें कैसे राजनीतिक रूप से निशाना बनाया गया। उनका कहना है कि उनकी छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की गई और उनका नाम ऐसी चीजों में घसीटा गया जिनका उनसे कोई संबंध नहीं था। उन्होंने कहा कि उनका विश्वास हमेशा से सत्य और भगवान पर रहा है, और अंततः उन्हें न्याय मिला है।
वास्तव में, कविता का नाम पहले दिल्ली आबकारी नीति मामले में सामने आया था। इस मामले में जांच के दौरान उनसे पूछताछ भी की गई थी। हालाँकि अब कोर्ट से राहत मिलने के बाद उन्होंने कहा कि सच्चाई की जीत हुई है और उन्हें विश्वास था कि एक दिन न्याय जरूर मिलेगा।
मंदिर में दर्शन करने के बाद कविता ने बताया कि उन्होंने भगवान के दर्शन के लिए सात पहाड़ियों की चढ़ाई भी की। उन्होंने कहा कि जब इंसान सत्य के रास्ते पर चलता है, तो भगवान उसका साथ जरूर देते हैं। उनका मानना है कि कठिन समय में भी उन्हें ईश्वर का आशीर्वाद मिलता रहा, और इसी कारण वे इस दौर से मजबूती से निकल पाईं।
इस अवसर पर कविता ने एक बड़ा राजनीतिक ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में वह तेलंगाना में एक नई राजनीतिक पार्टी की शुरुआत करने की योजना बना रही हैं। वह लोगों की सेवा करना चाहती हैं और राज्य की राजनीति में एक नई दिशा प्रदान करने का प्रयास करेंगी।
कविता ने कहा कि वह केवल अपने लिए नहीं, बल्कि अपने राज्य और देश के लोगों के लिए भी काम करना चाहती हैं। उन्होंने देश की जनता से भी आशीर्वाद और समर्थन की अपील की। जिस तरह से उनका नाम बदनाम करने की कोशिश हुई, उसे पूरे देश ने देखा है, लेकिन अब वह आगे बढ़कर जनता की सेवा करना चाहती हैं।