8 जुलाई 2026
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प्रम्बानन मंदिर में गूंजा 'ओम नमः शिवाय', PM मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो ने किया संरक्षण परियोजना का उद्घाटन

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प्रम्बानन मंदिर में गूंजा 'ओम नमः शिवाय', PM मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो ने किया संरक्षण परियोजना का उद्घाटन

सारांश

इंडोनेशिया के योग्याकार्ता में PM मोदी की उपस्थिति में 9वीं सदी के प्रम्बानन मंदिर में 'ओम नमः शिवाय' गूंजा — यह केवल आस्था का क्षण नहीं था। राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ मंदिर संरक्षण परियोजना का संयुक्त उद्घाटन भारत-इंडोनेशिया के सांस्कृतिक कूटनीति के एक नए अध्याय की शुरुआत है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 8 जुलाई 2025 को इंडोनेशिया के योग्याकार्ता स्थित प्रम्बानन मंदिर में पूजा-अर्चना की।
मंदिर परिसर में 'ओम नमः शिवाय' के मंत्रोच्चार के दौरान मोदी गेरुए परिधान में हाथ जोड़े भक्तों के साथ उपस्थित रहे।
मोदी ने एक्स पर 28 सेकंड की वीडियो क्लिप साझा कर लिखा — 'इंडोनेशिया के प्रम्बानन मंदिर में ॐ नमः शिवाय!' इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो के साथ दोनों नेताओं ने प्रम्बानन संरक्षण एवं पुनर्स्थापन परियोजना का संयुक्त उद्घाटन किया।
प्रम्बानन इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है और यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल है।
यह मोदी की तीन दिवसीय इंडोनेशिया यात्रा का अंतिम दिन था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में 8 जुलाई 2025 को योग्याकार्ता स्थित प्रम्बानन मंदिर का प्रांगण 'ओम नमः शिवाय' के मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो के साथ इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल इस 9वीं सदी के हिंदू मंदिर परिसर में संरक्षण एवं पुनर्स्थापन परियोजना का संयुक्त उद्घाटन किया।

मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना का दृश्य

गेरुए परिधान में प्रधानमंत्री मोदी हाथ जोड़े भक्तों के साथ खड़े दिखे, जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में जमीन पर बैठकर, आँखें बंद कर, हाथ जोड़े दिव्य मंत्रोच्चार करते रहे। घंटे की ध्वनि के बीच 'ओम नमः शिवाय' का जाप पूरे प्रांगण में गूंजता रहा।

मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर 28 सेकंड की वीडियो क्लिप साझा करते हुए लिखा — 'इंडोनेशिया के प्रम्बानन मंदिर में ॐ नमः शिवाय!' मंदिर पहुँचने से पूर्व उन्होंने एक अन्य पोस्ट में मंदिर का वीडियो साझा कर उसे 'राजसी प्रम्बानन मंदिर' कहा था।

तीन दिवसीय यात्रा का समापन

यह प्रधानमंत्री मोदी की तीन दिवसीय इंडोनेशिया यात्रा का तीसरा और अंतिम दिन था। इससे पूर्व मंगलवार को उन्होंने इंडोनेशियाई संसद को संबोधित करते हुए स्वयं घोषणा की थी कि वे राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ प्रम्बानन मंदिर जाएँगे।

मंदिर परिसर में दोनों नेताओं ने भ्रमण किया। मोदी ने मंदिर के इतिहास एवं महत्व की विस्तृत जानकारी ली। इसके पश्चात मंदिर के पुजारियों ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई और प्रधानमंत्री को आशीर्वाद दिया।

संरक्षण परियोजना: साझा विरासत की प्रतिबद्धता

दौरे का सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहलू रहा — दोनों देशों द्वारा प्रम्बानन मंदिर संरक्षण एवं पुनर्स्थापन परियोजना का संयुक्त उद्घाटन। इसे भारत-इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत के प्रति दोनों सरकारों की प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है।

गौरतलब है कि प्रम्बानन इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। 9वीं सदी में निर्मित यह परिसर भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों का जीवंत प्रमाण है।

भारत-इंडोनेशिया संबंधों पर असर

यह यात्रा केवल धार्मिक या सांस्कृतिक नहीं, बल्कि कूटनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रही। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता से मंदिर तक की यात्रा की एक तस्वीर भी साझा की। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक कूटनीति को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

आने वाले समय में यह परियोजना किस रूप में आगे बढ़ती है और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग के और कौन-से आयाम खुलते हैं — यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत की 'सांस्कृतिक कूटनीति' की उस रणनीति का विस्तार है जो साझा ऐतिहासिक जड़ों को आधुनिक द्विपक्षीय संबंधों की नींव बनाती है। हालाँकि, यह देखना बाकी है कि प्रम्बानन संरक्षण परियोजना के लिए ठोस वित्तीय और तकनीकी प्रतिबद्धताएँ क्या हैं — अभी तक केवल उद्घाटन की तस्वीरें सामने आई हैं, विवरण नहीं। सांस्कृतिक कूटनीति तब सार्थक होती है जब वह दीर्घकालिक संस्थागत सहयोग में बदले, न कि केवल प्रतीकात्मक यात्राओं तक सिमटे।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रम्बानन मंदिर में PM मोदी ने क्या किया?
PM मोदी ने 8 जुलाई 2025 को इंडोनेशिया के योग्याकार्ता स्थित प्रम्बानन मंदिर में पूजा-अर्चना की और 'ओम नमः शिवाय' के मंत्रोच्चार में भाग लिया। मंदिर के पुजारियों ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई और उन्हें आशीर्वाद दिया।
प्रम्बानन मंदिर क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
प्रम्बानन इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है, जिसका निर्माण 9वीं सदी में हुआ था। यह यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और भारत तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है।
भारत और इंडोनेशिया ने प्रम्बानन में कौन-सी परियोजना का उद्घाटन किया?
PM मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो ने संयुक्त रूप से प्रम्बानन मंदिर संरक्षण एवं पुनर्स्थापन परियोजना का उद्घाटन किया। इसे दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है।
PM मोदी ने एक्स पर प्रम्बानन के बारे में क्या पोस्ट किया?
मोदी ने एक्स पर 28 सेकंड की वीडियो क्लिप साझा करते हुए लिखा — 'इंडोनेशिया के प्रम्बानन मंदिर में ॐ नमः शिवाय!' इससे पहले उन्होंने मंदिर का एक वीडियो साझा कर उसे 'राजसी प्रम्बानन मंदिर' कहा था और राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ अपनी एक तस्वीर भी पोस्ट की थी।
मोदी की इंडोनेशिया यात्रा कितने दिनों की थी और इसमें क्या-क्या हुआ?
PM मोदी की इंडोनेशिया यात्रा तीन दिवसीय थी। इस दौरान उन्होंने इंडोनेशियाई संसद को संबोधित किया और अंतिम दिन राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रम्बानन मंदिर का दौरा किया, जहाँ संरक्षण परियोजना का संयुक्त उद्घाटन भी हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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