कर्नाटक लोकायुक्त के बेंगलुरु, धारवाड़, शिवमोग्गा और रायचूर में एक साथ छापे, आय से अधिक संपत्ति की जांच
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक लोकायुक्त ने 8 जुलाई 2026 (बुधवार) की सुबह बेंगलुरु, धारवाड़, शिवमोग्गा और रायचूर में सरकारी अधिकारियों से जुड़े दर्जनों ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति (डीए) अर्जित करने के आरोपों की जांच के तहत की गई। चारों शहरों में एक साथ चलाए गए इस अभियान को राज्य के भ्रष्टाचार-विरोधी तंत्र की हालिया बड़ी कार्रवाइयों में गिना जा रहा है।
बेंगलुरु में कार्रवाई
बेंगलुरु दक्षिण जिले में लोकायुक्त अधिकारियों ने कुंबलगोडु के पंचायत विकास अधिकारी से जुड़े आवास, कार्यालय और अन्य संपत्तियों की तलाशी ली। इस अभियान का नेतृत्व बेंगलुरु दक्षिण जिले की लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक स्नेहा ने किया।
मगड़ी तालुक के बेलागावाड़ी गांव में तीन स्थानों — संबंधित अधिकारी का फार्महाउस, उनके भाई का घर और उनके भतीजे का घर — पर तलाशी ली गई। इसके अतिरिक्त, बेंगलुरु में चार अन्य परिसरों पर भी छापेमारी की गई, जहाँ दस्तावेजों और अभिलेखों की विस्तृत जांच की गई।
शिवमोग्गा और धारवाड़ में एसीएफ के ठिकानों पर तलाशी
लोकायुक्त ने शिवमोग्गा के सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) से जुड़ी संपत्तियों पर भी छापा मारा। अधिकारियों ने शिवमोग्गा स्थित उनके कार्यालय और धारवाड़ स्थित उनके आवास की तलाशी ली। धारवाड़ के डोड्डानायकानाकोप्पा इलाके में स्थित उनके मकान को भी खंगाला गया।
बताया जा रहा है कि एसीएफ का अलनावर रोड पर एक फार्महाउस और औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्ट्री भी है। इन दोनों परिसरों के अलावा उनके जीजा के घर की भी तलाशी ली गई। इस कार्रवाई का नेतृत्व शिवमोग्गा लोकायुक्त इंस्पेक्टर वीरबसप्पा कुशलापुरा और धारवाड़ लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धलिंगप्पा ने किया।
रायचूर में केबीजेएनएल अभियंता के ठिकाने निशाने पर
रायचूर जिले में लोकायुक्त अधिकारियों ने केबीजेएनएल (KBJNL) के कार्यकारी अभियंता (ईई) से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। उनके कार्यालय, देवदुर्गा तालुक के चिक्काहोनाकुनी गांव स्थित आवास और उनके रिश्तेदारों के घरों पर तलाशी जारी रही।
मंगलवार की कार्रवाई का संदर्भ
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले, 7 जुलाई 2026 (मंगलवार) को भी लोकायुक्त पुलिस ने बेंगलुरु में तीन सरकारी अधिकारियों से जुड़े सात ठिकानों पर तलाशी ली थी। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण (पीसी) अधिनियम के तहत आपराधिक कदाचार के दो मामलों की जांच के सिलसिले में की गई थी।
न्यायालय के वारंट के आधार पर की गई उन तलाशियों में बेंगलुरु के स्पेशल डिप्टी कमिश्नर एम.के. जगदीश, तहसीलदार बी.आर. मंजूनाथ और शिरस्तेदार रजनीकांत के ठिकानों को निशाना बनाया गया था। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, इन अधिकारियों ने कथित तौर पर एयरपोर्ट रोड के पास हुनासमरनहल्ली में 13 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि का निजी व्यक्तियों के पक्ष में गलत तरीके से आवंटन किया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचा। मामला दर्ज करने से पहले भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए के तहत राज्य सरकार से आवश्यक अनुमति प्राप्त की गई थी।
आगे की स्थिति
चिन्हित सभी संपत्तियों पर तलाशी अभियान जारी है और विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है। लगातार दो दिनों में की गई इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि कर्नाटक लोकायुक्त ने सरकारी अधिकारियों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।