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कर्नाटक लोकायुक्त का राज्यव्यापी छापा: 8 शहरों में अधिकारियों पर आय से अधिक संपत्ति की जाँच

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कर्नाटक लोकायुक्त का राज्यव्यापी छापा: 8 शहरों में अधिकारियों पर आय से अधिक संपत्ति की जाँच

सारांश

कर्नाटक लोकायुक्त ने एक ही दिन में 8 शहरों — बेंगलुरु, कलबुर्गी, दावणगेरे, हुबली, चित्रदुर्ग, बेलगावी, चिकमगलूर — में समन्वित छापेमारी कर मौजूदा और सेवानिवृत्त अधिकारियों को घेरा। हुबली में ₹40 लाख नकद की बरामदगी इस अभियान की सबसे बड़ी तात्कालिक उपलब्धि रही।

मुख्य बातें

कर्नाटक लोकायुक्त ने 16 जून 2026 को 8 शहरों में एक साथ छापेमारी अभियान चलाया।
हुबली में NWKRTC के चीफ मैकेनिक के घर से ₹40 लाख नकद बरामद किए गए।
दावणगेरे में सबसे बड़ा ऑपरेशन — तीन अधिकारियों से जुड़ी 12 जगहों पर तलाशी।
निशाने पर हाउसिंग बोर्ड, बेस्कॉम, पंचायत राज, वन विभाग, NWKRTC और KRIDL के अधिकारी।
छापेमारी में मौजूदा और सेवानिवृत्त दोनों श्रेणियों के अधिकारी शामिल; जाँच जारी है।

कर्नाटक लोकायुक्त ने मंगलवार, 16 जून 2026 को राज्य के 8 शहरों में एक साथ समन्वित छापेमारी अभियान चलाया, जिसमें कई मौजूदा और सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाया गया। इन सभी अधिकारियों पर कथित तौर पर ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। यह कार्रवाई सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त के चल रहे अभियान की कड़ी है।

मुख्य घटनाक्रम

बेंगलुरु में लोकायुक्त अधिकारियों ने कर्नाटक हाउसिंग बोर्ड के एडिशनल डायरेक्टर और येलाहंका डिवीजन के बेस्कॉम असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (AEE) के आवासों पर तलाशी ली। दोनों अधिकारियों पर आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप हैं।

कलबुर्गी में लोकायुक्त एसपी सिद्दाराजू के नेतृत्व में अधिकारियों ने पंचायत राज विभाग के एक सेवानिवृत्त सुपरिटेंडिंग इंजीनियर से जुड़ी पाँच जगहों पर सुबह-सुबह छापेमारी की। इनमें गोदुताई नगर स्थित उनका घर, बीदर जिले के हल्लीखेड़ गाँव में पैतृक निवास, एक फार्महाउस और हुमनाबाद के दो कमर्शियल कॉम्प्लेक्स शामिल थे।

दावणगेरे में लोकायुक्त एसपी एम.एस. कौलापुरे की अगुवाई में तीन अधिकारियों से जुड़ी 12 जगहों पर एक साथ तलाशी ली गई — यह इस अभियान का सबसे बड़ा एकल ऑपरेशन रहा।

हुबली में नकद बरामदगी

हुबली में नॉर्थ वेस्टर्न कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NWKRTC) के चीफ मैकेनिक से जुड़ी चार जगहों पर छापेमारी के दौरान अधिकारियों को उनके अंजनेया नगर स्थित घर से ₹40 लाख नकद मिले। यह इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी तत्काल बरामदगी है।

अन्य शहरों में कार्रवाई

चित्रदुर्ग में बायलु सीमे डेवलपमेंट अथॉरिटी के सेक्रेटरी से जुड़ी पाँच जगहों पर तलाशी ली गई, जिनमें सिद्धावीरप्पा बडावणे स्थित उनका घर और दफ्तर शामिल था। बेलगावी में कर्नाटक रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड (KRIDL) के एक सुपरिटेंडिंग इंजीनियर से जुड़ी पाँच संपत्तियों की जाँच की गई।

चिकमगलूर में लोकायुक्त डिप्टी एसपी तिरुमलेश के नेतृत्व में असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स से जुड़ी पाँच जगहों पर छापेमारी हुई — इनमें कल्याण नगर स्थित घर, दफ्तर और निर्माणाधीन एक मकान शामिल था। शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

आम जनता पर असर

यह छापेमारी अभियान कर्नाटक में सरकारी सेवाओं के विभिन्न स्तरों — हाउसिंग बोर्ड, बिजली वितरण (बेस्कॉम), वन विभाग, पंचायत राज, सड़क परिवहन और ग्रामीण अवसंरचना — तक फैले कथित भ्रष्टाचार की व्यापकता को उजागर करता है। गौरतलब है कि यह कार्रवाई एक ही दिन में एक साथ इतने विभागों को कवर करती है, जो लोकायुक्त की परिचालन क्षमता का संकेत देती है।

आगे क्या होगा

बरामद दस्तावेज़ों और नकदी की जाँच जारी है। लोकायुक्त सूत्रों के अनुसार, जाँच के निष्कर्षों के आधार पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ औपचारिक आरोप-पत्र दाखिल किए जा सकते हैं। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि लोकायुक्त राज्य में भ्रष्टाचार-रोधी कार्रवाई को और तेज़ करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि इनमें से कितने मामले अभियोजन तक पहुँचते हैं। कर्नाटक में भ्रष्टाचार-रोधी छापों का इतिहास बड़ी बरामदगियों के बावजूद धीमी न्यायिक प्रक्रिया का रहा है। यह भी उल्लेखनीय है कि निशाने पर आए विभाग — हाउसिंग बोर्ड, ग्रामीण अवसंरचना, वन विभाग — वही हैं जहाँ ठेकेदारी और अनुमति प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार की शिकायतें सबसे अधिक आती हैं। बिना त्वरित अदालती कार्रवाई के, ये छापे प्रतीकात्मक संदेश से आगे नहीं बढ़ पाते।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक लोकायुक्त ने 16 जून को किन शहरों में छापेमारी की?
16 जून 2026 को लोकायुक्त ने बेंगलुरु, कलबुर्गी, दावणगेरे, हुबली, चित्रदुर्ग, बेलगावी और चिकमगलूर सहित कर्नाटक के 8 शहरों में एक साथ छापेमारी की। इन सभी स्थानों पर मौजूदा और सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों से जुड़ी संपत्तियों की तलाशी ली गई।
छापेमारी में क्या बरामद हुआ?
हुबली में NWKRTC के चीफ मैकेनिक के अंजनेया नगर स्थित घर से ₹40 लाख नकद बरामद किए गए। अन्य स्थानों पर बरामद दस्तावेज़ों और संपत्तियों की जाँच अभी जारी है।
आय से अधिक संपत्ति मामले में लोकायुक्त क्या करती है?
लोकायुक्त शिकायतों या जाँच के आधार पर संदिग्ध अधिकारियों के घरों, दफ्तरों और अन्य संपत्तियों पर छापेमारी करती है। बरामद साक्ष्यों के आधार पर अधिकारियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किए जाते हैं और मामला न्यायालय में ले जाया जाता है।
इस छापेमारी अभियान में कौन-से विभागों के अधिकारी शामिल हैं?
इस अभियान में कर्नाटक हाउसिंग बोर्ड, बेस्कॉम, पंचायत राज विभाग, NWKRTC, बायलु सीमे डेवलपमेंट अथॉरिटी, कर्नाटक रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड (KRIDL) और वन विभाग के अधिकारी शामिल हैं।
क्या यह छापेमारी किसी बड़े अभियान का हिस्सा है?
हाँ, लोकायुक्त के अनुसार यह कार्रवाई राज्य भर में सरकारी कर्मचारियों के बीच कथित भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। एक ही दिन में कई शहरों में समन्वित छापेमारी इस अभियान की तीव्रता को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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