कर्नाटक में लोकायुक्त की छापेमारी: मंगलुरु और बेल्लारी में संपत्ति की जांच
सारांश
Key Takeaways
- लोकायुक्त ने मंगलुरु में बबू बी.एन. के खिलाफ छापेमारी की।
- बेल्लारी में डिप्टी डायरेक्टर शिवन्ना की संपत्ति की जांच की गई।
- कुल 3,37,04,000 रुपए की संपत्ति जब्त की गई।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
बेंगलुरु, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मंगलुरु में लोकायुक्त ने उप-ड्रग कंट्रोलर कार्यालय में असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर के पद पर कार्यरत बबू बी.एन. के कार्यालय और निवास पर छापेमारी की। यह कार्रवाई उनके ज्ञात आय स्रोतों से असंगत संपत्ति रखने के आरोपों के तहत की गई है।
पुलिस निरीक्षक चंद्रशेखर के.एन. द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर, बबू बी.एन. पर अपने सेवा काल के दौरान वैध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इस मामले में 6 मार्च को मंगलुरु लोकायुक्त पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान, 7 मार्च को मंगलुरु लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक बी.पी. दिनेश कुमार के मार्गदर्शन में लोकायुक्त पुलिस की छह टीमों ने बबू बी.एन. की संपत्तियों पर छापेमारी की। इन संपत्तियों में चिक्कबल्लापुर जिले के बागेपल्ली कस्बे में उनके आवासीय और व्यावसायिक प्रतिष्ठान, बेंगलुरु शहर में फ्लैट और मकान, तथा मंगलुरु में उनका निवास और कार्यस्थल शामिल थे।
छापेमारी के दौरान कुल 3,37,04,000 रुपए मूल्य की चल और अचल संपत्ति जब्त की गई। बेंगलुरु निवास पर नकद 23,64,000 रुपए के साथ कीमती सोने और चांदी के आभूषण भी बरामद किए गए।
लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी नीति के तहत की गई है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही, लोकायुक्त की टीम ने बेल्लारी में मत्स्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर शिवन्ना के घर पर भी छापेमारी की। यह छापेमारी भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई है। अधिकारियों के अनुसार, शिवन्ना के पास बेल्लारी में 14 साइटें हैं, जिनमें केवल बेल्लारी शहर में 3 घर हैं, तथा बेल्लारी जिले समेत विभिन्न स्थानों में कुल 44 एकड़ जमीन है।
घर से 8.5 लाख रुपए नकद पाए गए और बैंक खाते में 20 लाख रुपए जमा हैं। तीन दोपहिया वाहन भी बरामद हुए। यह सम्पत्ति शिवन्ना और उनके परिवार के नाम पर हैं। सूत्रों के अनुसार, अधिकारी शिवन्ना ने करोड़ों रुपए की बेनामी संपत्ति भी अर्जित की है। लोकायुक्त अधिकारियों द्वारा छानबीन अभी जारी है।