18 अगस्त 2026
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केपीएससी नौकरी घोटाला: ईडी ने कर्नाटक-अहमदाबाद में 21 और कोझिकोड में 8 जगहों पर मारे छापे

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केपीएससी नौकरी घोटाला: ईडी ने कर्नाटक-अहमदाबाद में 21 और कोझिकोड में 8 जगहों पर मारे छापे

सारांश

केपीएससी भर्ती घोटाले में ईडी की एक साथ 21 ठिकानों पर छापेमारी — निलंबित अध्यक्ष का घर, परीक्षा मूल्यांकन कंपनी और बिचौलिए सभी निशाने पर। ₹70-80 लाख प्रति उम्मीदवार रिश्वत और पेपर लीक के आरोप इस घोटाले को कर्नाटक की सबसे बड़ी भर्ती जाँचों में से एक बनाते हैं।

मुख्य बातें

ईडी ने 18 अगस्त 2026 को पीएमएलए की धारा 17 के तहत केपीएससी मामले में 21 ठिकानों पर तलाशी ली।
छापेमारी बेंगलुरु, हासन, चित्रदुर्ग, दावणगेरे, रायचूर, कारवार, कलबुर्गी, बेलगावी और अहमदाबाद में हुई।
निलंबित केपीएससी अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस.
साहूकार और सदस्य शांता होसमनी के घर भी जाँच के दायरे में।
बिचौलियों ने कथित तौर पर प्रति उम्मीदवार ₹70 लाख से ₹80 लाख रिश्वत माँगी; 4 एफआईआर दर्ज।
केरल के कोझिकोड में सीएमआरएल ग्रुप के 8 ठिकानों पर अलग मामले में छापेमारी; पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी वीणा से जुड़े मनी ट्रेल की जाँच।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) भर्ती घोटाले की मनी लॉन्ड्रिंग जाँच के तहत कर्नाटक और अहमदाबाद में 21 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इसी दिन एक अलग मामले में केरल के कोझिकोड में 8 स्थानों पर भी छापेमारी की गई।

मुख्य घटनाक्रम

ईडी के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) की धारा 17 के तहत यह तलाशी और जब्ती कार्रवाई की। छापेमारी की गई जगहों में केपीएससी कार्यालय, निलंबित केपीएससी अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकार का आवास, केपीएससी सदस्य शांता होसमनी का घर, कथित बिचौलिए, परीक्षा पेपरों के डिजिटल मूल्यांकन की जिम्मेदार कंपनी मेसर्स एडुटेस्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड का दफ्तर और पशु चिकित्सा अधिकारी (वेटनरी ऑफिसर) पद के लिए चयनित उम्मीदवारों के परिसर शामिल हैं।

ये 21 ठिकाने बेंगलुरु, हासन, चित्रदुर्ग, दावणगेरे, रायचूर, कारवार, कलबुर्गी, बेलगावी और अहमदाबाद में फैले हुए हैं।

घोटाले की पृष्ठभूमि

बेंगलुरु के विधान सौधा पुलिस स्टेशन में 4 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें वेटनरी ऑफिसर भर्ती परीक्षा के अंतिम चयन में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। जाँच एजेंसी के अनुसार, कथित बिचौलियों ने शिकायतकर्ता समेत कई उम्मीदवारों से संपर्क कर प्रति उम्मीदवार ₹70 लाख से ₹80 लाख तक की रिश्वत माँगी।

शिकायतकर्ता ने अपने दावों के समर्थन में इन बिचौलियों की ऑडियो रिकॉर्डिंग स्थानीय शिक्षा प्राधिकरण (एलईए) को सौंपी हैं। एलईए के समक्ष दर्ज शिकायतों में पेपर लीक, ओएमआर आंसर शीट से छेड़छाड़ और केपीएससी अधिकारियों के रिश्तेदारों को अनुचित तरीके से अंतिम चयन सूची में शामिल करने के आरोप भी हैं।

कोझिकोड में समानांतर छापेमारी

उसी दिन केरल के कोझिकोड में 8 ठिकानों पर की गई तलाशी सीएमआरएल ग्रुप के खिलाफ 27 मई 2026 को की गई पूर्व छापेमारी का अगला चरण है। मई की कार्रवाई के दौरान एक पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी वीणा से जुड़े मनी ट्रेल के नए साक्ष्य मिले थे। अधिकारियों के अनुसार, इस मनी ट्रेल से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भी जाँच जारी है।

आम जनता और उम्मीदवारों पर असर

यह घोटाला उन हजारों उम्मीदवारों को प्रभावित करता है जिन्होंने पशु चिकित्सा अधिकारी और अन्य सरकारी पदों के लिए वर्षों तैयारी की। आलोचकों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में इस स्तर की गड़बड़ी सरकारी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। गौरतलब है कि केपीएससी पहले भी विवादों में रह चुका है, और यह जाँच उस लंबी श्रृंखला की एक और कड़ी है।

क्या होगा आगे

ईडी की तलाशी में मिले दस्तावेज़ और डिजिटल साक्ष्यों की जाँच जारी है। निलंबित अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकार और अन्य आरोपियों से पूछताछ के बाद गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कोझिकोड में सीएमआरएल मामले में भी आगे की कानूनी कार्रवाई अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अफसरशाही और बिचौलियों का गठजोड़ सरकारी भर्ती प्रक्रिया को बाज़ार में तब्दील कर देता है। ₹70-80 लाख की माँगी गई रिश्वत यह भी बताती है कि सरकारी नौकरी की 'कीमत' किस स्तर तक पहुँच चुकी है। ईडी की एडुटेस्ट सॉल्यूशंस पर नज़र इस बात का संकेत है कि जाँच तकनीकी सेवा प्रदाताओं तक भी फैल रही है — जो अब तक इस तरह के मामलों में अपेक्षाकृत अछूते रहे हैं। कोझिकोड में सीएमआरएल मामले का समानांतर विस्तार दर्शाता है कि ईडी एकाधिक राज्यों में एक साथ दबाव बना रही है, लेकिन असली परीक्षा अभियोजन की गति और न्यायिक परिणाम से होगी।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केपीएससी भर्ती घोटाला क्या है और ईडी इसमें क्यों जाँच कर रही है?
कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) की वेटनरी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक, ओएमआर शीट से छेड़छाड़ और अधिकारियों के रिश्तेदारों को अनुचित चयन दिलाने के आरोप हैं। चूँकि मामले में बड़े पैमाने पर रिश्वत और मनी लॉन्ड्रिंग के संकेत मिले, इसलिए ईडी ने पीएमएलए के तहत जाँच शुरू की।
ईडी ने 18 अगस्त को कितनी और कहाँ-कहाँ छापेमारी की?
ईडी ने कर्नाटक के बेंगलुरु, हासन, चित्रदुर्ग, दावणगेरे, रायचूर, कारवार, कलबुर्गी, बेलगावी और अहमदाबाद सहित कुल 21 ठिकानों पर छापे मारे। साथ ही एक अलग मामले में केरल के कोझिकोड में 8 स्थानों पर भी तलाशी ली गई।
इस मामले में कितनी रिश्वत माँगी गई और किस पर आरोप हैं?
जाँच के अनुसार, कथित बिचौलियों ने उम्मीदवारों से प्रति व्यक्ति ₹70 लाख से ₹80 लाख तक की रिश्वत माँगी। निलंबित केपीएससी अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकार, केपीएससी सदस्य शांता होसमनी और डिजिटल मूल्यांकन कंपनी मेसर्स एडुटेस्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड भी जाँच के दायरे में हैं।
कोझिकोड में सीएमआरएल ग्रुप की जाँच किससे जुड़ी है?
कोझिकोड में 8 ठिकानों पर की गई तलाशी 27 मई 2026 को सीएमआरएल ग्रुप पर हुई पूर्व छापेमारी का विस्तार है। मई की कार्रवाई में एक पूर्व मुख्यमंत्री की बेटी वीणा से जुड़े मनी ट्रेल के नए साक्ष्य मिले थे, जिनकी आगे जाँच की जा रही है।
इस घोटाले से प्रभावित उम्मीदवारों का क्या होगा?
जाँच के नतीजों के आधार पर प्रभावित भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा या पुनः परीक्षा की संभावना है। ईडी के साक्ष्य संकलन के बाद अदालत में अभियोजन की प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे वैध उम्मीदवारों को न्याय मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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