केपीएससी भर्ती घोटाला: ईडी ने आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार को पूछताछ के लिए तलब किया
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) भर्ती में कथित अनियमितताओं की जाँच के तहत 2016 बैच के आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार को मंगलवार, 26 अगस्त 2025 की सुबह बेंगलुरु स्थित एजेंसी के कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया है। यह नोटिस सोमवार को उनके आवास पर लगभग नौ घंटे तक चली तलाशी के बाद दरवाजे पर चिपकाया गया।
तलाशी अभियान और नोटिस
ईडी की टीम सीआरपीएफ कर्मियों के साथ तीन वाहनों में ज्ञानेंद्र कुमार के बेंगलुरु स्थित आवास पर पहुँची। प्रवेश द्वार पहले बंद था और सुरक्षाकर्मियों ने कथित तौर पर अधिकारियों को यह कहते हुए अंदर जाने से रोका कि उन्हें ऐसे निर्देश नहीं मिले हैं। ईडी टीम द्वारा ज्ञानेंद्र कुमार से संपर्क किए जाने के बाद ही सुरक्षाकर्मियों ने परिसर में प्रवेश की अनुमति दी।
चूँकि आवास बंद था, इसलिए एक ताला खोलने वाले को बुलाया गया। अधिकारियों ने अलमारियों, दीवारों और फर्श के नीचे के क्षेत्रों की स्कैनर की मदद से जाँच की। पूरी तलाशी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई।
आवास से क्या मिला, क्या नहीं
तलाशी के दौरान एक डायरी और कुछ अभिलेख बरामद हुए। सरकारी भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी कथित रूप से नियुक्त निजी कंपनियों के बैंक स्टेटमेंट और दस्तावेजों की भी जाँच की गई। हालाँकि, सूत्रों के अनुसार अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज आवास पर नहीं मिले।
सूत्रों ने बताया कि ज्ञानेंद्र कुमार तीन दिन पहले ही दो बड़े बैग, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर बेंगलुरु छोड़ उत्तर प्रदेश चले गए थे। मंत्री प्रियांक खड़गे ने बताया कि अधिकारी अपने पिता की अस्वस्थता के कारण वहाँ गए थे। नतीजतन, टीम को आवास से सीमित सामग्री ही मिली।
मामले की पृष्ठभूमि
ईडी यह जाँच पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर कर रही है, जिसमें उम्मीदवारों से नियुक्ति के बदले ₹70 लाख से ₹80 लाख तक की रिश्वत माँगे जाने के आरोप हैं। ज्ञानेंद्र कुमार मार्च 2025 तक केपीएससी में परीक्षा नियंत्रक के पद पर कार्यरत थे और कर्नाटक प्रशासनिक सेवा (केएएस) परीक्षा तथा पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया के संचालन से जुड़े थे।
गौरतलब है कि यह तलाशी पूर्व केपीएससी अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहूकर के आवास और अन्य परिसरों की तलाशी के ठीक तीन दिन बाद हुई है। इस प्रकार केपीएससी भर्ती घोटाले में ईडी का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
ईडी की जाँच का विस्तार
केपीएससी भर्ती घोटाले की जाँच के अंतर्गत ईडी ने कर्नाटक में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया है। एजेंसी दस्तावेजों, वित्तीय अभिलेखों और अन्य सामग्रियों की जाँच कर रही है, ताकि धन के कथित प्रवाह का पता लगाया जा सके और भर्ती अनियमितताओं में कथित रूप से शामिल लोगों की पहचान की जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं।