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केपीएससी भर्ती घोटाला: ईडी ने आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार को पूछताछ के लिए तलब किया

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केपीएससी भर्ती घोटाला: ईडी ने आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार को पूछताछ के लिए तलब किया

सारांश

केपीएससी भर्ती घोटाले में ईडी की जाँच का दायरा बढ़ा — 2016 बैच के आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के बेंगलुरु आवास पर 9 घंटे की तलाशी के बाद उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया गया। ₹70-80 लाख रिश्वत के आरोपों के बीच अधिकारी तलाशी से पहले ही बेंगलुरु छोड़ चुके थे।

मुख्य बातें

ईडी ने आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार को केपीएससी भर्ती अनियमितताओं की जाँच में पूछताछ के लिए बेंगलुरु कार्यालय में तलब किया।
सोमवार को उनके आवास पर नौ घंटे की तलाशी चली; प्रवेश के लिए ताला खोलने वाले को बुलाना पड़ा।
जाँच में उम्मीदवारों से ₹70 लाख से ₹80 लाख तक की रिश्वत माँगे जाने के आरोप शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार अधिकारी तलाशी से तीन दिन पहले लैपटॉप, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर उत्तर प्रदेश चले गए थे।
तलाशी में डायरी और कुछ बैंक दस्तावेज मिले; अधिकांश महत्वपूर्ण सामग्री नहीं मिली।
यह कार्रवाई पूर्व केपीएससी अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहूकर के परिसरों की तलाशी के तीन दिन बाद हुई।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) भर्ती में कथित अनियमितताओं की जाँच के तहत 2016 बैच के आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार को मंगलवार, 26 अगस्त 2025 की सुबह बेंगलुरु स्थित एजेंसी के कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया है। यह नोटिस सोमवार को उनके आवास पर लगभग नौ घंटे तक चली तलाशी के बाद दरवाजे पर चिपकाया गया।

तलाशी अभियान और नोटिस

ईडी की टीम सीआरपीएफ कर्मियों के साथ तीन वाहनों में ज्ञानेंद्र कुमार के बेंगलुरु स्थित आवास पर पहुँची। प्रवेश द्वार पहले बंद था और सुरक्षाकर्मियों ने कथित तौर पर अधिकारियों को यह कहते हुए अंदर जाने से रोका कि उन्हें ऐसे निर्देश नहीं मिले हैं। ईडी टीम द्वारा ज्ञानेंद्र कुमार से संपर्क किए जाने के बाद ही सुरक्षाकर्मियों ने परिसर में प्रवेश की अनुमति दी।

चूँकि आवास बंद था, इसलिए एक ताला खोलने वाले को बुलाया गया। अधिकारियों ने अलमारियों, दीवारों और फर्श के नीचे के क्षेत्रों की स्कैनर की मदद से जाँच की। पूरी तलाशी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई।

आवास से क्या मिला, क्या नहीं

तलाशी के दौरान एक डायरी और कुछ अभिलेख बरामद हुए। सरकारी भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी कथित रूप से नियुक्त निजी कंपनियों के बैंक स्टेटमेंट और दस्तावेजों की भी जाँच की गई। हालाँकि, सूत्रों के अनुसार अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज आवास पर नहीं मिले।

सूत्रों ने बताया कि ज्ञानेंद्र कुमार तीन दिन पहले ही दो बड़े बैग, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर बेंगलुरु छोड़ उत्तर प्रदेश चले गए थे। मंत्री प्रियांक खड़गे ने बताया कि अधिकारी अपने पिता की अस्वस्थता के कारण वहाँ गए थे। नतीजतन, टीम को आवास से सीमित सामग्री ही मिली।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी यह जाँच पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर कर रही है, जिसमें उम्मीदवारों से नियुक्ति के बदले ₹70 लाख से ₹80 लाख तक की रिश्वत माँगे जाने के आरोप हैं। ज्ञानेंद्र कुमार मार्च 2025 तक केपीएससी में परीक्षा नियंत्रक के पद पर कार्यरत थे और कर्नाटक प्रशासनिक सेवा (केएएस) परीक्षा तथा पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया के संचालन से जुड़े थे।

गौरतलब है कि यह तलाशी पूर्व केपीएससी अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहूकर के आवास और अन्य परिसरों की तलाशी के ठीक तीन दिन बाद हुई है। इस प्रकार केपीएससी भर्ती घोटाले में ईडी का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

ईडी की जाँच का विस्तार

केपीएससी भर्ती घोटाले की जाँच के अंतर्गत ईडी ने कर्नाटक में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया है। एजेंसी दस्तावेजों, वित्तीय अभिलेखों और अन्य सामग्रियों की जाँच कर रही है, ताकि धन के कथित प्रवाह का पता लगाया जा सके और भर्ती अनियमितताओं में कथित रूप से शामिल लोगों की पहचान की जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संस्थागत विफलता की संभावित कड़ी हो सकती है। ₹70-80 लाख प्रति नियुक्ति की कथित दर सार्वजनिक सेवा में भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है, और यह जाँच तय करेगी कि जवाबदेही केवल व्यक्तिगत रहेगी या प्रणालीगत सुधार तक पहुँचेगी।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केपीएससी भर्ती घोटाले में ईडी की जाँच किस बात को लेकर है?
ईडी कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं की जाँच कर रही है, जिसमें उम्मीदवारों से नियुक्ति के बदले ₹70 लाख से ₹80 लाख तक की रिश्वत माँगे जाने के आरोप हैं। एजेंसी धन के कथित प्रवाह और इसमें शामिल लोगों की पहचान के लिए दस्तावेजों व वित्तीय अभिलेखों की जाँच कर रही है।
आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार का केपीएससी से क्या संबंध है?
2016 बैच के आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार मार्च 2025 तक केपीएससी में परीक्षा नियंत्रक के पद पर कार्यरत थे। वे कर्नाटक प्रशासनिक सेवा (केएएस) परीक्षा और पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया के संचालन से सीधे जुड़े थे।
ईडी की तलाशी के दौरान ज्ञानेंद्र कुमार कहाँ थे?
सूत्रों के अनुसार ज्ञानेंद्र कुमार तलाशी से तीन दिन पहले ही बेंगलुरु छोड़कर उत्तर प्रदेश चले गए थे। मंत्री प्रियांक खड़गे ने बताया कि वे अपने पिता की अस्वस्थता के कारण वहाँ गए थे।
ईडी के छापे में क्या मिला और क्या नहीं मिला?
तलाशी में एक डायरी, कुछ अभिलेख और निजी कंपनियों से जुड़े बैंक दस्तावेज मिले। हालाँकि, सूत्रों के अनुसार अधिकारी अपने साथ लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जा चुके थे, जिससे टीम को आवास से सीमित सामग्री ही मिली।
केपीएससी घोटाले में ईडी ने अब तक किन-किन पर कार्रवाई की है?
ईडी ने पूर्व केपीएससी अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहूकर के आवास और अन्य परिसरों की तलाशी ली, और तीन दिन बाद आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के आवास पर छापा मारा। एजेंसी ने कर्नाटक में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया है और जाँच का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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