17 अगस्त 2026
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जेपीएससी घोटाला: ₹40 लाख वसूली के आरोप में तत्कालीन सदस्य के पीए बीएन राम गिरफ्तार, पूर्व अध्यक्ष जेल में

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जेपीएससी घोटाला: ₹40 लाख वसूली के आरोप में तत्कालीन सदस्य के पीए बीएन राम गिरफ्तार, पूर्व अध्यक्ष जेल में

सारांश

जेपीएससी भ्रष्टाचार मामले में सीआईडी की कार्रवाई तेज — तत्कालीन सदस्य के पीए बीएन राम ₹40 लाख वसूली के आरोप में गिरफ्तार, पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते जेल में। छात्रों का आंदोलन 24वें दिन भी जारी, जांच का दायरा बढ़ रहा है।

मुख्य बातें

सीआईडी ने 17 अगस्त 2026 को जेपीएससी की तत्कालीन सदस्य डॉ.
अजीता भट्टाचार्य के पीए बीएन राम को गिरफ्तार किया।
आरोप है कि साक्षात्कार में चयन 'मैनेज' कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से कथित तौर पर करीब ₹40 लाख वसूले गए।
जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल.
ख्यांगते को दो दिन की पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया।
सीआईडी कथित संगठित नेटवर्क, धनराशि के प्रवाह और आयोग के अन्य पदाधिकारियों की संलिप्तता की जांच कर रही है।
जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती अनियमितताओं के खिलाफ झारखंड में छात्रों का आंदोलन 24वें दिन भी जारी रहा।

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने 17 अगस्त 2026 को आयोग की तत्कालीन सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य के निजी सहायक (पीए) बीएन राम को गिरफ्तार किया। उन पर साक्षात्कार में अभ्यर्थियों का चयन 'मैनेज' कराने के नाम पर कथित तौर पर करीब ₹40 लाख की वसूली करने का आरोप है। यह गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 24वें दिन भी जारी रहा।

मुख्य घटनाक्रम

जांच एजेंसी के अनुसार, बीएन राम पर आरोप है कि उन्होंने जेपीएससी साक्षात्कार में अधिक अंक दिलाने और चयन सुनिश्चित कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से बड़ी रकम वसूली। पूछताछ और अब तक सामने आए साक्ष्यों के आधार पर सीआईडी ने यह कदम उठाया। जांच एजेंसी की प्राथमिकता अब यह पता लगाना है कि कथित वसूली किस तरह की गई और यह रकम किन-किन व्यक्तियों तक पहुंची।

इसके अलावा, जांचकर्ता यह भी जानना चाहते हैं कि साक्षात्कार प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं। सीआईडी कथित लेन-देन, अभ्यर्थियों से संपर्क और साक्षात्कार में संभावित हस्तक्षेप से जुड़े तथ्यों की गहन पड़ताल कर रही है।

पूर्व अध्यक्ष पर कार्रवाई

जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांगते से सीआईडी ने लगातार दो दिनों तक पूछताछ की। पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आयोग में कथित अनियमितताओं, परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने और साक्ष्यों से कथित छेड़छाड़ से जुड़े मामलों में सीआईडी पहले से जांच कर रही है। बीएन राम की गिरफ्तारी और एल. ख्यांगते को जेल भेजे जाने के बाद इस मामले की जांच में एक और अहम कड़ी जुड़ गई है।

जांच का दायरा

सीआईडी अब यह भी जांच कर रही है कि कथित वसूली में आयोग के तत्कालीन पदाधिकारियों अथवा अन्य व्यक्तियों की कोई संलिप्तता थी या नहीं। यह ऐसे समय में आया है जब जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर झारखंड में छात्र लगातार सड़कों पर हैं — आंदोलन का यह 24वाँ दिन था।

आम जनता और अभ्यर्थियों पर असर

गौरतलब है कि जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती प्रक्रियाओं पर हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य निर्भर करता है। कथित भ्रष्टाचार की यह परतें उन युवाओं की मेहनत पर सवाल खड़ी करती हैं जिन्होंने वर्षों की तैयारी के बाद इन परीक्षाओं में हिस्सा लिया। छात्र संगठनों का कहना है कि जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती और प्रक्रिया पारदर्शी नहीं बनती, आंदोलन जारी रहेगा।

क्या होगा आगे

सीआईडी की जांच अब कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और धनराशि के स्रोत तक पहुंचने पर केंद्रित है। जांचकर्ताओं के अनुसार, आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं। झारखंड सरकार पर दबाव बढ़ रहा है कि वह भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रक्रियागत सुधार और पारदर्शी पुनर्परीक्षा से ही बहाल होगा।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीएन राम को क्यों गिरफ्तार किया गया?
बीएन राम जेपीएससी की तत्कालीन सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य के निजी सहायक थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने साक्षात्कार में अधिक अंक दिलाने और चयन सुनिश्चित कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से कथित तौर पर करीब ₹40 लाख वसूले। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर सीआईडी ने 17 अगस्त 2026 को उन्हें गिरफ्तार किया।
जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते पर क्या कार्रवाई हुई?
सीआईडी ने तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांगते से लगातार दो दिनों तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उनके खिलाफ आयोग में कथित अनियमितताओं और साक्ष्यों से छेड़छाड़ से जुड़े मामले दर्ज हैं।
सीआईडी जेपीएससी मामले में अब क्या जांच कर रही है?
सीआईडी अब कथित वसूली के तरीके, धनराशि के प्रवाह और आयोग के अन्य तत्कालीन पदाधिकारियों या व्यक्तियों की संलिप्तता की जांच कर रही है। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि साक्षात्कार प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था या नहीं।
झारखंड में छात्रों का आंदोलन किस बात को लेकर है?
जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ झारखंड में छात्र आंदोलन कर रहे हैं। यह आंदोलन 17 अगस्त 2026 को अपने 24वें दिन में था। छात्रों की मांग है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
जेपीएससी घोटाले में डॉ. अजीता भट्टाचार्य की क्या भूमिका बताई जा रही है?
डॉ. अजीता भट्टाचार्य जेपीएससी की तत्कालीन सदस्य थीं। गिरफ्तार पीए बीएन राम उन्हीं के निजी सहायक थे। जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि कथित वसूली और साक्षात्कार में हेरफेर में आयोग के तत्कालीन पदाधिकारियों की कोई प्रत्यक्ष या परोक्ष संलिप्तता थी या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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