जेपीएससी घोटाला: पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से सीआईडी की लगातार दूसरे दिन पूछताछ, पासपोर्ट जब्त
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) ने बुधवार, 29 जुलाई को आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से लगातार दूसरे दिन पूछताछ जारी रखी। इससे पहले मंगलवार को करीब आठ घंटे तक चली पूछताछ में उनकी विदेश यात्राओं पर हुए खर्च और एक ब्लैकलिस्टेड एजेंसी को परीक्षा संचालन का काम सौंपे जाने पर विस्तृत सवाल किए गए। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान खियांग्ते का पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया है।
पूछताछ का केंद्र: टीडीपीएल का चयन
सूत्रों के मुताबिक, जांच का मुख्य फोकस परीक्षा संचालन एजेंसी टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के चयन की प्रक्रिया पर केंद्रित है। जांच अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि एजेंसी को किस आधार पर जिम्मेदारी सौंपी गई, चयन प्रक्रिया में किन अधिकारियों की भूमिका रही और अंतिम स्वीकृति किस स्तर पर दी गई।
कथित तौर पर यह भी पूछा गया कि यदि एजेंसी के खिलाफ पहले से शिकायतें या प्रतिकूल जानकारी उपलब्ध थी, तो उसे परीक्षा संचालन का कार्य क्यों दिया गया।
ओएमआर शीट और डेटा सुरक्षा पर सवाल
सूत्रों के अनुसार, जांच अधिकारियों ने ओएमआर शीट की छपाई, सुरक्षित रखरखाव, मूल्यांकन, अभ्यर्थियों के डेटा की सुरक्षा और परिणाम तैयार करने की पूरी प्रक्रिया से जुड़े बिंदुओं पर भी जानकारी ली। ये सवाल भर्ती प्रक्रिया में संभावित छेड़छाड़ की दिशा में जांच की गहराई को दर्शाते हैं।
अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच
जांच अधिकारी तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक, उप परीक्षा नियंत्रक और अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी खियांग्ते से सवाल कर रहे हैं। इस दौरान पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों के बयान, फाइल नोटिंग और जब्त दस्तावेजों का भी मिलान किया जा रहा है।
अब तक की गिरफ्तारियाँ
गौरतलब है कि इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें परीक्षा संचालन एजेंसी टीडीपीएल से जुड़े मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी भी शामिल हैं। सीआईडी का कहना है कि मामले में जुटाए गए दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या
यह मामला झारखंड में सार्वजनिक भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के निष्कर्षों के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ या समन जारी किए जा सकते हैं।