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जेपीएससी परीक्षा घोटाला: पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते को सीआईडी का समन, 28 जुलाई को पूछताछ

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जेपीएससी परीक्षा घोटाला: पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते को सीआईडी का समन, 28 जुलाई को पूछताछ

सारांश

जेपीएससी परीक्षा घोटाले की जाँच में सीआईडी ने पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते को 28 जुलाई को पूछताछ के लिए तलब किया है। छापेमारी में ओएमआर शीट, डिजिटल साक्ष्य जब्त हो चुके हैं और आठ लोग गिरफ्तार हो चुके हैं — यह पूछताछ मामले की दिशा तय कर सकती है।

मुख्य बातें

सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते को 28 जुलाई 2025 को पूछताछ के लिए समन जारी किया।
जाँच का केंद्र जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा सहित कई भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताएँ हैं।
सीआईडी ने ख्यांगते के कांके रोड आवास और जेपीएससी कार्यालय में पाँच घंटे तक तलाशी ली; ओएमआर शीट व डिजिटल साक्ष्य जब्त।
परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल के कार्यालय में भी छापेमारी, महत्वपूर्ण अभिलेख कब्जे में।
मामले में अब तक आठ लोग गिरफ्तार, जिनमें पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता और टीडीपीएल निदेशक रामवीर सिंह शामिल।
एल ख्यांगते ने 6 मार्च 2025 को जेपीएससी अध्यक्ष पद संभाला था और छापेमारी के बाद इस्तीफा दे दिया।

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा सहित अनेक भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जाँच कर रही सीआईडी ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते को औपचारिक नोटिस जारी किया है। उन्हें 28 जुलाई 2025 को पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। यह समन ऐसे समय में आया है जब इस मामले में अब तक आठ लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

छापेमारी और साक्ष्य संग्रह

समन से तीन दिन पहले सीआईडी ने एल ख्यांगते के कांके रोड स्थित सरकारी आवास और जेपीएससी कार्यालय में उनके कक्ष की तलाशी ली। करीब पाँच घंटे तक चली इस कार्रवाई में जाँच दल ने कई दस्तावेज खंगाले और उनसे प्रारंभिक पूछताछ भी की।

जेपीएससी कार्यालय से भर्ती परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज, ओएमआर शीट और कंप्यूटरों से डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए। इसके साथ ही परीक्षा संचालन एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के कार्यालय में भी छापेमारी कर परीक्षा संचालन से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेख अपने कब्जे में लिए गए।

अब तक की गिरफ्तारियाँ

सीआईडी इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें जेपीएससी की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी तथा कंपनी के अन्य कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा अभय तिवारी के करीबी अरविंद मंडल को गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट से गिरफ्तार किया गया था।

एल ख्यांगते का पृष्ठभूमि और इस्तीफा

एल ख्यांगते ने 6 मार्च 2025 को जेपीएससी अध्यक्ष का पदभार संभाला था। इससे पहले वे झारखंड सरकार के मुख्य सचिव भी रह चुके थे। सीआईडी की छापेमारी के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा है कि वे जाँच एजेंसी को पूरा सहयोग करेंगे।

आगे क्या होगा

28 जुलाई को होने वाली पूछताछ में सीआईडी भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर ख्यांगते से सवाल करेगी। जाँच अधिकारियों के अनुसार यह पूछताछ पूरे मामले की दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकती है। गौरतलब है कि झारखंड में परीक्षा घोटालों की यह श्रृंखला राज्य की भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस मामले को सामान्य भर्ती घोटाले से अलग श्रेणी में रखता है। झारखंड में परीक्षा अनियमितताओं का यह कोई पहला मामला नहीं — राज्य में पहले भी भर्ती प्रक्रियाओं पर सवाल उठते रहे हैं। असली परीक्षा यह होगी कि जाँच एजेंसी साक्ष्यों की श्रृंखला को ऊपर तक जोड़ पाती है या नहीं।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएससी परीक्षा घोटाले में एल ख्यांगते को क्यों समन किया गया?
सीआईडी जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जाँच कर रही है और इस सिलसिले में पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते से भर्ती प्रक्रिया व परीक्षा संचालन के पहलुओं पर पूछताछ करनी है। उन्हें 28 जुलाई 2025 को उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
जेपीएससी मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
सीआईडी अब तक इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें जेपीएससी की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी और उनके करीबी अरविंद मंडल शामिल हैं।
सीआईडी ने जेपीएससी कार्यालय से क्या जब्त किया?
सीआईडी ने जेपीएससी कार्यालय से भर्ती परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज, ओएमआर शीट और कंप्यूटरों से डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। परीक्षा संचालन एजेंसी टीडीपीएल के कार्यालय से भी परीक्षा संबंधी महत्वपूर्ण अभिलेख अपने कब्जे में लिए गए हैं।
एल ख्यांगते कौन हैं और उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया?
एल ख्यांगते झारखंड सरकार के पूर्व मुख्य सचिव रहे हैं और उन्होंने 6 मार्च 2025 को जेपीएससी अध्यक्ष का पदभार संभाला था। सीआईडी की छापेमारी के बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) की इस मामले में क्या भूमिका है?
टीडीपीएल जेपीएससी परीक्षाओं के संचालन से जुड़ी एजेंसी है। सीआईडी ने इसके कार्यालय में छापेमारी कर परीक्षा संचालन से संबंधित रिकॉर्ड जब्त किए हैं और कंपनी के निदेशक व अन्य कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
राष्ट्र प्रेस
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