जेपीएससी भर्ती घोटाला: सीआईडी की 20+ ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी, पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते से फिर पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जाँच कर रही राज्य सीआईडी ने सोमवार, 3 अगस्त की सुबह से व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने रांची, धनबाद, बोकारो, देवघर, गोड्डा, रामगढ़, हजारीबाग और पलामू सहित कई जिलों में 20 से अधिक ठिकानों पर एकसाथ दबिश दी। इसी क्रम में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल. ख्यांगते को सोमवार को पुनः पूछताछ के लिए बुलाया गया।
कहाँ-कहाँ पड़ी छापे
जाँच टीमों ने रांची के धुर्वा और नामकुम क्षेत्रों में संचालित कई कोचिंग संस्थानों और उनसे जुड़े व्यक्तियों के परिसरों को भी निशाने पर लिया। छापेमारी उन लोगों और संस्थानों पर केंद्रित रही जिनके नाम अब तक की जाँच में उभरे हैं या जिनके परीक्षा प्रक्रिया से किसी रूप में जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
जाँच दलों ने विभिन्न ठिकानों से दस्तावेज, कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल स्टोरेज डिवाइस खंगाले। कुछ महत्वपूर्ण कागज़ात और डिजिटल साक्ष्य ज़ब्त किए गए हैं, जिनका फोरेंसिक विश्लेषण कराया जाएगा।
अब तक की कार्रवाई का लेखा-जोखा
इससे पहले सीआईडी जेपीएससी कार्यालय और परीक्षा संचालन एजेंसी टीडीपीएल के दफ्तर में छापेमारी कर परीक्षा-संबंधी दस्तावेज़ और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड ज़ब्त कर चुकी है। अब तक आयोग और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन्हीं की पूछताछ के आधार पर जाँच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते से पहले भी कई चरणों में पूछताछ हो चुकी है। सीआईडी परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्र प्रबंधन, मूल्यांकन प्रक्रिया और अन्य पहलुओं से जुड़े तथ्यों की कड़ियाँ जोड़ने में लगी है।
छात्रों का आंदोलन जारी
14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद से अभ्यर्थी कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलित हैं। रांची में छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है और परीक्षा रद्द कर निष्पक्ष जाँच कराने की माँग की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पहले से ही सवालों के घेरे में है।
आगे क्या होगा
बरामद दस्तावेज़ों और डिजिटल डेटा के फोरेंसिक विश्लेषण के आधार पर आने वाले दिनों में मामले में नए खुलासे होने की संभावना है। जाँच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार कई अन्य संदिग्धों के विरुद्ध भी कार्रवाई हो सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जाँच का दायरा और विस्तृत होने के संकेत हैं।