झारखंड सीआईडी ने जेपीएससी घोटाले में 5 और गिरफ्तार, कुल आरोपियों की संख्या 19 हुई
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने 6 अगस्त 2026 को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में पाँच और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन नई गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में अब तक पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या 19 हो गई है।
कौन हैं नए गिरफ्तार आरोपी
सीआईडी द्वारा पकड़े गए पाँच नए आरोपियों में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते का कंप्यूटर ऑपरेटर, तीन परीक्षार्थी और एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। जाँच एजेंसी के अनुसार, इन सभी की भूमिका परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने और कथित अनियमितताओं को अंजाम देने से जुड़ी बताई जा रही है।
इससे पहले 4 अगस्त 2026 को सीआईडी ने उमेश कुमार, बुद्धेश्वर भगत और रमेश कुमार को गिरफ्तार किया था। इन सभी के विरुद्ध सीआईडी थाना कांड संख्या 16/26, दिनांक 22 जुलाई 2026 के तहत कार्रवाई की गई है।
जाँच का दायरा और विस्तार
सीआईडी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर मामले की जाँच लगातार आगे बढ़ा रही है। सूत्रों के अनुसार, हालिया गिरफ्तारियों के बाद जाँच का दायरा और व्यापक हो सकता है तथा कई अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ जारी है।
मुख्यमंत्री और राज्यपाल की बैठक
इस बीच, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और छात्रों की माँगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री से भी बातचीत की जाएगी।'
राजभवन की ओर से जारी बयान में राज्यपाल गंगवार ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और युवाओं के विश्वास को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भर्ती आयोगों की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिस पर किसी प्रकार का प्रश्नचिह्न न लगे।
सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री सोरेन ने राज्यपाल को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस पूरे मामले में निष्पक्ष जाँच और छात्रों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश के कई राज्यों में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में धाँधली के आरोप सार्वजनिक विश्वास को चोट पहुँचा रहे हैं।
आगामी दिनों में सीआईडी की जाँच की दिशा और गिरफ्तारियों का सिलसिला यह तय करेगा कि इस घोटाले की जड़ें कितनी गहरी हैं।