एशियन गेम्स 2026: भारत की 10मी एयर राइफल टीम ने जीता सिल्वर, रुद्राक्ष का दूसरा एशियाई पदक
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पुरुष 10 मीटर एयर राइफल टीम ने एशियन गेम्स 2026 में नागोया में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। हिमांशु ढिल्लों, पार्थ माने और रुद्राक्ष पाटिल की तिकड़ी ने 1890.1 का संयुक्त स्कोर बनाकर यह पदक सुनिश्चित किया। इस जीत के साथ एशियन गेम्स 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या 3 हो गई है — और उल्लेखनीय रूप से तीनों ही शूटिंग में हासिल हुए हैं।
मुख्य प्रदर्शन और स्कोरकार्ड
60-शॉट क्वालिफिकेशन राउंड में रुद्राक्ष पाटिल ने 631.8 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया, जबकि हिमांशु ढिल्लों ने 630 के स्कोर के साथ सातवाँ और पार्थ माने ने 628.3 के साथ टीम के कुल स्कोर में योगदान दिया। क्वालिफिकेशन में शीर्ष आठ में जगह बनाने के बाद रुद्राक्ष और हिमांशु दोनों ने व्यक्तिगत फाइनल के लिए भी क्वालीफाई किया।
चीन ने 1899.0 के विश्व-रिकॉर्ड स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि दक्षिण कोरिया 1884.2 अंकों के साथ ब्रॉन्ज मेडल पर रहा।
रुद्राक्ष पाटिल का दूसरा एशियाई पदक
यह रुद्राक्ष पाटिल के लिए 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में दूसरा एशियाई खेल पदक है। इससे पहले उन्होंने हांग्जो एशियन गेम्स 2023 में गोल्ड मेडल जीता था। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय निशानेबाज़ी लगातार एशियाई स्तर पर अपनी छाप छोड़ रही है।
इलावेनिल वलारिवन का ऐतिहासिक व्यक्तिगत पदक
इससे पहले रविवार को शूटिंग के शुरुआती दिन इलावेनिल वलारिवन ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत इवेंट में सिल्वर मेडल जीता — जो उनका पहला व्यक्तिगत एशियाई खेल पदक था। उन्होंने टीम सिल्वर में भी भारत की मदद की। जकार्ता 2018 में एक किशोरी के तौर पर भाग लेने वाली इलावेनिल उस बार महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल के फाइनल में नहीं पहुँच पाई थीं — नागोया में यह जीत उनके लिए खास मायने रखती है।
उनके नाम 253.6 का एशियाई रिकॉर्ड भी दर्ज है, जो उन्होंने श्यमकेंट में एशियाई चैंपियनशिप के दौरान बनाया था। नई दिल्ली में आयोजित एशियाई चैंपियनशिप 2026 में उन्होंने अपना महाद्वीपीय खिताब सफलतापूर्वक बरकरार भी रखा।
हांग्जो की तुलना और आगे की राह
गौरतलब है कि हांग्जो एशियन गेम्स 2023 में भारतीय निशानेबाज़ों ने 7 गोल्ड, 9 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज सहित कुल 22 पदक जीते थे, जो देश के लिए एशियाई खेलों में निशानेबाज़ी का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। नागोया में अभी प्रतियोगिता जारी है और कई व्यक्तिगत फाइनल बाकी हैं, जहाँ रुद्राक्ष और हिमांशु दोनों पदक की दावेदारी में हैं।